पुराने विवाद पर निर्दोष युवक की हत्या मामलाः महेंद्र गंगवानी सहित 7 को हिरासत में लिया पुलिस ने

कोरबा 22 जून। पिछले कुछ दिनों से कोरबा और आसपास में जिस गति से आपराधिक घटनाएं हो रही है उससे प्रतीत होता है कि आपराधिक तत्वों में कानून का खौफ खत्म हो रहा है। उन्हें किसी से डर-भय नहीं रह गया है। पिछली रात कोतवाली थाना क्षेत्र के रामसागरपारा में रवि यादव की हत्या पीट-पीट कर कर दी गई। उसका दोष इतना था कि उसने एक युवक से की जा रही मारपीट का विरोध किया था। कुछ लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बनाया। इस मामले को लेकर सांसत में पड़ी पुलिस ने महेंद्र गंगवानी सहित 7 को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ नाबालिग बताए गए हैं।
बीती रात्रि लगभग 9.30 बजे के आसपास यह कारनामा हुआ। इस तरह की सूचनाएं प्राप्त हुई कि रामसागरपारा में एक जगह युवक लहूलुहान स्थिति में पड़ा हुआ है। उसे स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में ट्रांसपोर्ट नगर के एमजेएम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने परीक्षण करने पर पाया कि उसकी सांसें नहीं चल रही है। अंतिम रूप से स्थिति साफ करने के लिए संबंधित युवक के साथ आए लोगों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने रवि का परीक्षण कर उसके मृत होने की पुष्टि की। खबर है कि इससे पहले ही घटना स्थल के आसपास माहौल खराब होने की आशंका में आवश्यक पुलिस बल लगा दिया गया। पुलिस के कई अधिकारी कोतवाली पहुंचे और रणनीति बनाई।
जानकारी मिली कि रामसागरपारा के जिस इलाके में रात्रि में यह घटना हुई, वहां पर महेश यादव नामक युवक से महेंद्र और कुछ लोगों की पुरानी रंजिश थी। इसे लेकर आसपास के कुछ लोगों ने स्थिति को सामान्य कराने का प्रयास भी किया लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। घटना दिवस को सुबह भी किसी बात पर इनमें विवाद हुआ, इस तरह का दावा लोग करते हैं। जानकारी मिली कि अगले कुछ घंटों में हिंसक संघर्ष की स्थिति बन गई। रात्रि में महेश यादव से सामना होने पर उसके साथ मारपीट की गई। जब वह गिर पड़ा तो बीचबचाव के लिए रवि यादव पहुंचा। इस दौरान शोर-शराबा तेज हो चुका था। क्षेत्र के लोगों का समूह आसपास में नजारे को देखने मौजूद था। इसी में से किसी ने कुछ वीडियो बनाए। इनमें साफ देखा जा रहा है कि हमलावर में से एक के हाथ में ईंट है और दूसरे ने लाठी से रवि के सिर पर हमला कर दिया। जबरदस्त तरीके से हुई मारपीट में यह युवक लहूलुहान होने के साथ लगभग मरणासन्न स्थिति में हो गया। इसके साथ यहां अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हुई। क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पनपने के बीच कुछ लोगों ने पीडि़त को निजी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन कुछ ही देर के बाद मालूम चला कि वह प्राणहीन हो गया है। खबर के फैलने पर पुलिस के अधिकारियों के अलावा आसपास के थानों के प्रभारी हरकत में आए। रात में ही डेमेज कंट्रोल के लिए आवश्यक जतन किए गए।
इधर आज सुबह पुलिस ने डीएसआर ग्रुप के माध्यम से सूचित किया कि सात आरोपियों को हत्या के प्रकरण में अभिरक्षा में लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। हालांकि पुलिस ने इसमें किसी का नाम उजागर नहीं की है लेकिन सूत्रों का कहा है कि महेंद्र गंगवानी और उसके एक पुत्र के अलावा पांच और लोगों को पुलिस ने कब्जे में लिया है। इन सभी की भूमिका इस पूरे कारनामे को शुरू करने से लेकर अंजाम तक पहुंचाने में रही। संबंधितों पर प्रावधानों के अंतर्गत एक्शन लेने के दावे किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भाजपा नेता शिव बालक सिंह तोमर की हत्या का प्रयास रज्जाक अली और उसके दो सहयोगियों ने दिनदहाड़े किया। इससे पहले एसआई आरएन रात्रे के पुत्र पर गाड़ी चढ़ाकर रौंदने का काम हो चुका है, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। ये घटनाएं बताती है कि आपराधिक तत्वों का मनोबल कोरबा क्षेत्र में किस कदर बढ़ा हुआ है।
