रविवार, 21 जून को यहाँ इस साल का सबसे बड़ा दिन और वहाँ होगी सबसे बड़ी रात …!

कोलंबो। इस हफ्ते रविवार, 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन होगा। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में समर सॉलस्टिस (ग्रीष्म संक्रांति) मनाई जाएगी, जो खगोलीय रूप से गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक है।आमतौर पर इसे पूरे दिन की घटना माना जाता है, लेकिन असल में यह एक खास पल होता है, जब गोलार्ध सूरज की ओर सबसे ज्यादा झुकता है।
इस साल वह सटीक समय 21 जून को 09:24 BST (ब्रिटिश समर टाइम) है। उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को सबसे बड़ा दिन होता है। इसके उलट दक्षिणी गोलार्ध में इस दिन साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन होता है।
उत्तरी गोलार्ध में रहने वालों के लिए इसे आमतौर पर गर्मियों के बीच का दिन माना जाता है। इसमें दिन की रोशनी सबसे ज्यादा और अंधेरा सबसे कम समय के लिए होता है। 21 जून को दोपहर के समय सूरज जब सिर के एकदम ऊपर आएगा तो कुछ पलों के लिए परछाई देखना संभव नहीं होगा। इसलिए इसे जीरो शैडो डे कहते हैं।

सॉलस्टिस क्या हमेशा 21 जून को होता है?
सॉलस्टिस आमतौर पर 21 जून को होता है, लेकिन हमेशा 21 जून को नहीं होता है। यह साल के हिसाब से 20 से 22 जून के बीच कभी भी हो सकता है। लीप ईयर (अधिवर्ष) में यह आम तौर पर 20 जून को पड़ता है। यह बदलाव इसलिए होता है, क्योंकि पृथ्वी को सूरज का चक्कर लगाने में पूरे कैलेंडर वर्ष की तुलना में छह घंटे ज्यादा समय लगता है। सूरज की रोशनी में बदलाव होता है, क्योंकि हमारा ग्रह बिल्कुल सीधी धुरी पर नहीं घूमता बल्कि यह झुका हुआ है। इस झुकाव के कारण सूरज का चक्कर लगाते समय पृथ्वी के अलग- अलग हिस्सों तक पहुंचने वाली सूरज की रोशनी की मात्रा पूरे साल बदलती रहती है। साल के आधे समय तक पृथ्वी का उत्तरी हिस्सा सूरज की ओर झुका रहता है।
एक जैसी रहती है सूरज की रौशनी
समर सॉलस्टिस के दिन उत्तरी गोलार्ध सूरज की ओर सबसे ज्यादा झुका होता है और सूरज ट्रॉपिक ऑफ कैंसर (कर्क रेखा) के ठीक ऊपर दिखाई देता है। अगर यह झुकाव ना होता तो हम मौसम का अनुभव तो करते, लेकिन अलग-अलग ऋतुएं नहीं देख पाते। ऐसा होता, क्योंकि फिर पूरे साल दिन की रोशनी तकरीबन एक जैसी रहती। सॉलस्टिस शब्द लैटिन शब्दों सोल (सूरज) और सिस्टेरे (स्थिर होना) से आया है। यह आसमान में सूरज की चाल में दिखने वाले ठहराव को दिखाता है। साल का सबसे लंबा दिन होंने के बावजूद समर सॉलस्टिस के दिन सूरज सबसे देर से अस्त नहीं होता और ना ही सबसे जल्दी उगता है। सूरज सबसे जल्दी समर सॉलस्टिस से पहले उगता है और देर में उसके बाद अस्त होता है।
