बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहींः सप्लाई कम, मेंटेनेंस ज्यादा

कोरबा 17 जून। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में अधिकारियों के बार-बार तबादले किए जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। मौजूदा हालात को देखकर यही प्रतीत होता है कि उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति से अधिक मेंटेनेंस और कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून हो या कोई अन्य मौसम, बिजली वितरण कंपनी विभिन्न कारणों का हवाला देकर कई क्षेत्रों में 6 से 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद कर रही है। बुधवार सुबह तुलसी नगर, जूनापारा, अमरिया सहित कई इलाकों में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसके पीछे तर्क दिया गया कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत विद्युत लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों की टहनियों की कटाई-छंटाई की जा रही है।

इस प्रकार के मेंटेनेंस कार्य अलग-अलग क्षेत्रों में समय-समय पर किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली गुल रहने की अवधि लगातार बढ़ती जा रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के कारण कोरबा जिले के तीनों विद्युत संभागों के चार लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार होने वाली कटौती और लंबे समय तक बिजली बंद रहने से दैनिक जीवन और व्यवसाय दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान कब तक होगा, यह फिलहाल भविष्य के गर्भ में है।

अंडरग्राउंड केबलिंग पर कब होगा काम
जिला प्रशासन ने पिछले महीने समीक्षा बैठक के दौरान कोरबा नगर और अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर वितरण कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ की थी. इस मौके पर मैं सबसे ज्यादा फोकस कोरबा शहरी क्षेत्र में विद्युत से जुड़ी समस्याओं और लोगों के दर्द पर किया गया. इस दौरान बताया गया कि वितरण कंपनी का इरादा खास तौर पर शहरी क्षेत्र में पावर सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग करने का है. इस तरह की व्यवस्था होने से किसी भी सीजन में हवा चलने पर केवल आपस में टकराने से बचेंगे और इनके ऊपर पेड़ों की टहनियों गिरने का खतरा भी दूर हो जाएगा अधिकतम समस्याओं के पीछे यही सब कारण होते हैं. इनका अध्ययन करने के साथ इस प्रकार के निष्कर्ष निकाले गए. वितरण कंपनी कोरबा के समस्या ग्रस्त उपभोक्ताओं को राहत देने का काम कब तक करती है, इसका सभी को इंतजार रहेगा।

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