बांकी मोंगरा में धूल प्रदूषण और जल संकट को लेकर चक्का जामः 4 घंटे यातायात रहा बाधित, आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन

कोरबा 15 जून। रेलवे साइडिंग से उड़ रही धूल, खोलार नदी में स्टॉप डेम निर्माण नहीं होने और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर पंखा दफाई एवं सूराकछार के रहवासियों ने सोमवार को बांकी मोंगरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन पार्षद प्रेम कुमार के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
धूल और पानी की समस्या से परेशान लोग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर साल एसईसीएल द्वारा खोलार नदी में स्टॉप डेम बनाकर जल संरक्षण किया जाता था, लेकिन इस वर्ष निर्माण नहीं होने से क्षेत्र में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। वहीं रेलवे साइडिंग से लगातार उड़ने वाली धूल के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं-
खोलार नदी में जल्द स्टॉप डेम निर्माण किया जाए।
रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
मुख्य मार्ग पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए।
रेलवे द्वारा लगाए गए हाइट कंट्रोलर की मरम्मत की जाए।
4 घंटे तक ठप्प रहा यातायात
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ चक्का जाम दोपहर 1 बजे तक चला। करीब 4 घंटे तक मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही, जिससे दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
सूचना मिलते ही दर्री तहसीलदार, बांकी मोंगरा थाना प्रभारी, रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया और 17 तारीख तक समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।
फिर आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि यदि तय समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
