उम्र छुपाकर लड़ने चला था चुनाव मगर पहले ही खुल गयी पोल…!

अबूजा। राजनीति में कभी-कभी ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आ जाते हैं जो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देते हैं। सोचिए, अगर कोई शख्स अपनी उम्र छुपाकर चुनावी मैदान में उतर जाए और खुद को बड़ा नेता साबित करने की कोशिश करे, तो क्या होगा? ऐसा ही एक हैरान कर ने देने वाला मामला नाइजीरिया से सामने आया, जिसने लोगों को दंग कर दिया।

यह कहानी है महमूद सादिस बाबा की, जिन्हें लोग ‘अबीन अल-जाजी’ के नाम से भी जानते हैं। वह – नाइजीरिया की सत्ताधारी पार्टी ऑल प्रोग्रेसिव्स कांग्रेस से जुड़े थे और अपनी लोकप्रियता के कारण द वंडर ऑफ जारिया कहे जाते थे। अचानक उनकी चर्चा तब तेज हो गई, जब चुनावी स्क्रीनिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में उनका कद-काठी और चेहरा किसी बच्चे जैसा नजर आ रहा था, लेकिन आत्मविश्वास किसी अनुभवी नेता जैसा था।

सोशल मीडिया पर सामने आने लगे दस्तावेज

लेकिन, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर उनके दस्तावेज सामने आने लगे, जिन्होंने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। पासपोर्ट, नेशनल आइडेंटिफिकेशन नंबर, जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार, महमूद का जन्म 1995 नहीं, बल्कि 2010 में हुआ था। यानी उनकी असली उम्र महज 15 या 16 साल थी, जो चुनाव लड़ने की न्यूनतम कानूनी उम्र से काफी कम है। शुरुआत में उनकी पार्टी एपीसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और इसे साजिश बताया। लेकिन, जैसे-जैसे पुख्ता सबूत सामने आते गए, पार्टी की स्थिति कमजोर पड़ती गई। आखिरकार सच सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।

महमूद ने अंततः पीछे हटने का फैसला किया

विवाद बढ़ने पर महमूद ने भी अंततः पीछे हटने का फैसला किया। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को एक भावुक पत्र लिखकर चुनावी दौड़ से हटने की घोषणा कर दी। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। इस तरह एक ऐसे युवक का सपना अधूरा रह गया, जो खुद को देश की राजनीति में स्थापित करना चाहता था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर दिखा दिया कि राजनीति में सच कितनी जल्दी सामने आ सकता है।

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