पुराने जमाने में गर्मी में ठंढा कैसे रखे जाते थे राजाओं के महल..?

नई दिल्ली। आज के दौर में गर्मी शुरू होते ही लोग सबसे पहले पंखा, कूलर और एसी की तलाश करने लगते हैं। लेकिन, जरा सोचिए, जब बिजली ही नहीं थी, तब लोग भीषण गर्मी से कैसे बचते होंगे? खासकर राजा-महाराजा, जो विशाल महलों और किलों में रहते थे, आखिर वे अपने महलों को ठंडा कैसे रखते थे? दरअसल, पुराने समय के लोगों के पास आधुनिक मशीनें भले ही नहीं थीं, लेकिन उन्हें प्रकृति और आर्किटेक्चर की गहरी समझ थी। इसी समझ के कारण उनके बनाए महल बिना एसी और कूलर के भी ठंडे और आरामदायक बने रहते थे। आज भी कई पुराने किले और महल इस बात का उदाहरण हैं कि सही तकनीक और प्राकृतिक तरीकों से गर्मी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
खिड़कियां और वेंटिलेशन का खास इंतजाम
पुराने महलों में खिड़कियों और वेंटिलेटर का डिजाइन बेहद रोच-समझकर जया जाता था। खिड़कियों की दिशा ऐसी होती थी कि सीधी धूर अंदर ना आए, लेकिन ताजी हवा लगातार आती रहे। इसते महल के अंदर प्राकृतिक ठंडक की रहती थी। वेंटिलेटर भी खास तरीके से कबए जाते थे, ताकि जार्म हवा बाहर निकल सके और ठही हवा अंदर अभी रहे। कई महलों में जालीदार खिडकियां बनाई जाती थी, जो हवा को ठंडा करके अंदर पहुंचाने में मदद करती थी।
आज के घरों में क्यों बढ़ गई एसी की जरूरत?
आजकल मॉडर्न घरों में अवसर छोटी खिड़किया पतली दीवारें और कम वेंटिलेशन देखने को मिलता है। कई घरों में प्राकृतिक हवा आने का रास्ता ही नहीं होता। यही वजह है कि लोग पूरी तरह एसी और दूसर पर निर्भर हो जाए है। पुराने समय की आर्किटेक्चर हमें यह सिखाती है कि अगर घरों को सही तरीके से डिज़ाइन किया जाए और प्रकृति का ध्यान स्था जाए, तो विना ज्यादा बिजली खर्च किए भी मनीं से राहत पाई जा सकती है।
पेड़ पौधे तालाब देते थे ठंडक
महलों के आसपास बड़े-बड़े पेड़ लगाए जाते थे। इन पेड़ों की छत्री छांव से आसपास का तापमान कम रहता था और वार्म हवाएं सीधे महल तक नहीं पहुंच पाती थीं। इसके साथ ही कई महलों के पास तालाव फव्वारे और पानी के छोटे सोत बनाए जाते थे। पानी के कारण आसपास का वातावरण ठंडा खाना से होकर गुजरती थी, तो यह ठंडी होकर महल के अंदर पहुंचती थी। पुराने समय के कारीगरों को आर्किटेक्चर की अद्भुत समझ थी। उन्होंने ऐसे महल बनाए, जो किना किसी मीज के भी मौसम के अनुसार खुद को संतुलित रखते थे। यही कारण है कि आज भी कई पुराने किले और महल गर्मियों में ठंडे महसूस होते हैं।
