नौतपा के तेवर से लोग परेशान, कल से चार दिन तक लू का कहर, रखनी होगी सावधानी

कोरबा 25 मई। ज्येष्ठ की तपती दोपहरी और इसके एहसास को लेकर लंबे समय से संवाद होता रहा है। किताबों में भी इसे जगह मिली है। लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव रहे हैं। कहावतों और मुहावरों में भी यह शामिल है। इन सबके बीच आज से नौतपा की शुरुआत हो गई। उसके तेवर ने लोगों को परेशान किया तो कोरबा के तापमान के अभ्यस्त हो चुके लोगों ने इसे सहज तरीके से लिया। खबर यह है कि अगले नौ दिन नौतपा का प्रभाव रहेगा। मौसम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पर्याप्त सावधानी बरतने को कहा है।
25 मई से हर साल नौतपा लगता है। आज वही तारीख है और इसी के साथ मौसम का रूख परिवर्तित हो गया है। सूर्य की किरणों की तपिश कुछ ज्यादा है। वातावरण में इसके प्रभाव को महसूस किया गया। कोरबा में आज का अधिकतम तापमान पहले की तरह 44 डिग्री के आसपास जाने की संभावना है। हालांकि दोपहर बाद इसके कम होने का अनुमान मौसम विभाग ने व्यक्त किया है। दिन भर बढ़े तापमान के कारण सूर्यास्त के बाद भी हवाओं में उष्णता का कहर होगा और लोग इसका अनुभव करेंगे। पिछले कुछ दिनों की तरह नौतपा के पहले दिन कोरबा की मुख्य सडकों पर आवाजाही में बहुत ज्यादा अंतर नहीं दिखा। अपने चेहरे और शरीर को कवर करने के साथ लोग सडकों पर आते-जाते और विभिन्न स्थानों पर काम करते नजर आए। हालांकि उन्होंने प्रशासन की चेतावनी को ध्यान में रख सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लिया। मौसम विभाग से मिली जानकारी में कहा गया कि 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून तक जारी रहेगा। इस स्थिति में तापमान के कई रंग देखने को मिलेंगे। 26 मई से अगले चार दिन यानि 29 मई तक दोपहर में लू का कहर चलने के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इस दौरान धूल भरी आंधियां भी चल सकती है। यह लोगों को थोड़ी सी राहत जरूर देगी लेकिन आफतें बहुत ज्यादा पेश करेगी।
गर्मी का मौसम हर बार कोरबा और आसपास के इलाके के लिए कई प्रकार की समस्याओं को लेकर आता है। इस दौरान तेज हवाओं के असर से सडकों पर जमा धूल वातावरण को जितना गंदा नहीं करती उससे कहीं ज्यादा प्रभाव उद्योगों के ऐश डाइक से उडने वाली फ्लाई ऐश डालती है। एनटीपीसी, सीएसईबी और बालको के अलावा कई बिजली परियोजनाओं के ऐश डाइक पर आधारित यह समस्या बीते कई वर्षों से बनी है। आसपास के कई गड्ढों को पाटने के लिए भी फ्लाईऐश का उपयोग किया गया है जो इस गर्मी के मौसम में तेज हवा चलने के साथ उडने से हजारों घरों और खेती-बाड़ी को दूषित करने का जरिया बनेगी।
पावर हब कोरबा में बिजली की आंखमिचौली लोगों को पहले से ही रूला रही है। अब तक इसका समाधान नहीं हो सका है। अब नौतपा के शुभारंभ के साथ आगे की स्थिति में बिजली का क्या हाल होगा, ये सोचकर लोग डरे हुए हैं। साधन संपन्न इलाके तक में समस्या है तो फिर सामान्य घरों से लेकर स्लम इलाकों में क्या मुश्किलें हो सकती है लोग यही सोचकर डरे हुए हैं। लोगों को यह भी चिंता है कि मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती हो सकती है।
