भारत के तेल भंडार में भागीदारी बढ़ाएगा यूएई, 5 अरब डॉलर का निवेश भी करेगा

अबूधाबी. पांच देशों की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह यूएई पहुंचे, जहां राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। तीन घंटे के संक्षिप्त दौरे में दोनों देशों के बीच एलपीजी आपूर्ति सहित स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, और रक्षा सहयोग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 5 अरब डॉलर के निवेश आदि समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पश्चिम एशिया संकट के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर समझौता महत्वपूर्ण है। इसके तहत अबू धाबी की राष्ट्रीय तेल कंपनी एडनोक भारत के रणनीतिक भंडार में अपनी भागीदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल करेगी। इसके अलावा एडनोक व आइओसीएल के बीच दीर्घकालीन एलजीपी की आपूर्ति को लेकर भी करार हुआ।

अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा। भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी का अबू धाबी दौरा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम एश्यिा में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। क्षेत्रीय संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर खतरे की आशंका के बीच दोनों देशों ने स्थिरता, कनेक्टिविटी और आर्थिक मजबूती पर जोर दिया।

एफ-16 से पीएम के विमान को एस्कॉर्ट

यूएई की राजधानी अबूधाबी पहुंचने से पहले यूएई एयरफोर्स के एफ-16 फाइटर जेट ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया। पीएम मोदी ने कहा, यह सम्मान भारतीय लोगों का है। उन्होंने यूएई को दूसरा घर बताते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

प्रमुख समझौते

1 भारत और यूएई के बीच रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और नवाचार आदि को लेकर साझेदारी।

2 स्टेटेजिक 2 पट्रोलियम रिजर्व को लेकर एमओयू हुआ।

3 एलपीजी की दीर्घकालीन आपूर्ति पर समझौता।

4 गुजरात के वाडिनार में शिप मरम्मत केन्द्र स्थापित होगा।

5 यूएई भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर, आरबीएल बैंक व सम्मान कैपिटल पर पांच अरब डॉलर का निवेश करेगा।

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