द्विपक्षीय बैठक में जिनपिंग की ताइवान मुद्दे पर अमरीका को संभावित ‘टकराव’ की चेतावनी

बीजिंग. अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में गुरुवार को दो घंटे तक द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे पर अमरीका को संभावित ‘टकराव’ की चेतावनी दी है। जिनपिंग ने कहा, ‘अगर इस मुद्दे को’ सही तरीके से संभाला गया तो द्विपक्षीय संबंध सामान्य रूप से स्थिर रह सकते हैं, लेकिन अगर इसे ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे।’

वहीं, व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर भी ट्रंप और जिनपिंग की बात हुई। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि होर्मुज खुला रहना चाहिए ताकि ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो। एक अधिकारी ने कहा कि जिनपिंग ने होर्मुज के सैन्यीकरण और वहां किसी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का विरोध किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चीन भविष्य में होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से अधिक तेल खरीदने में रुचि रखता है।

चीन में अमरीकी कंपनियों का स्वागत

चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने अमरीकी उद्योगपतियों से चीन में अपने कारोबार और निवेश को और मजबूत करने की अपील की। ली ने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसे को बढ़ाने में भूमिका निभाएं।

ट्रंप ने कहा- जिनपिंग महान नेता

अपने भव्य स्वागत से खुश ट्रंप ने जिनपिंग को महान नेता बताते हुए कहा कि हमारे संबंध पहले से कहीं बेहतर होने जा रहे हैं। वहीं, जिनपिंग ने कहा कि इस समय दुनिया में ऐसा बदलाव तेज हो रहा है जैसा पिछले सौ सालों में नहीं देखा गया। अमेरिका और चीन को साझेदार होना चाहिए, प्रतिद्वंद्वी नहीं।

फोन-लैपटॉप छोड़कर गए हैं सीईओ

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ चीन गए कई अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और बड़े सीईओ को अपने निजी फोन और लैपटॉप अमरीका में ही छोड़ने पड़े हैं। इनकी जगह उन्हें सीमित एक्सेस वाले ‘क्लीन डिवाइस’ दिए गए। ऐसा इसलिए ताकि चीन हैकिंग या डेटा न चुरा ले। एक पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट ने कहा कि अमरीकी अधिकारियों को पहले से ही यह मानकर चलने को कहा जाता है कि उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। हालांकि, चीन के दूतावास ने किसी भी तरह की निगरानी के आरोपों को खारिज किया है।

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