ब्रिक्स: भू-राजनीतिक उथल-पुथल से निपटने ‘व्यावहारिक तरीके’ खोजने पर भारत का जोर

नई दिल्ली. दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक गुरुवार को हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक हालात, आर्थिक चुनौतियों और बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के बीच ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। भारत की ओर से कहा गया कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापारिक व्यवधानों के परिणामों से निपटने के लिए व्यावहारिक तरीके खोजे जाने चाहिए। वैश्विक संषघर्षों को सुलझाने में संवाद पर भी जोर दिया।

यूएन चार्टर का उल्लंघन करने वालों की खुलकर करें निंदाः अराघची

ब्रिक्स सम्मेलन में ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराधची ने यूएन चार्टर के उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन करने वालों की निंदा करने में किसी को हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। बीते एक साल में ईरान पर दो बार कूर और गैरकानूनी आक्रमण हुए हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने ईरानी विदेश मंत्री जिस विमान से भारत पहुंचे हैं। उस पर मिनाब 168 लिख कर अमरीका को भी संदेश देने का प्रयास किया गया है। मिनाब स्कूल में अमरीकी बमबारी के दौरान 168 छात्राओं की मौत हो गई थी।

नेतन्याहू की गुप्त यूएई यात्रा पर भड़का ईरान

इजराइल ने बुधवार को कहा कि युद्ध के दौरान पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से यूएई की यात्रा की थी। अब यूएई ने इससे इनकार किया है। इससे ईरान भड़क गया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि उन्हें इस यात्रा के बारे में पहले से पता था। ईरान के लोगों से दुश्मनी मोल लेना बेवकूफी भरा जुआ है। ऐसा करने के लिए इजराइल के साथ साठगांठ करना एक अक्षम्य अपराध है। साठगांठ करने वालों को हिसाब देना होगा।

एक और जहाज पर हमला, भारत ने जताई नाराजगी

ओमान के समुद्र तट पर भारतीय झंडे वाले एक और जहाज ‘हाजी अली’ पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। नाराजगी जताते हुए गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जहाज पर मौजूद सभी भारतीय कू सुरक्षित हैं। इस बीच, यूएई के पूर्वी तट के पास लंगर डाले एक जहाज को अज्ञात लोगों द्वारा जब्त कर ईरान की दिशा में ले जाने की खबर सामने आई है।

ईरानी सेना और आईआरजीसी ने होर्मुज को बांटा

ईरानी सेना ने कहा है कि वह अमरीकी हथियारों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की अनुमति नहीं देगी। इसके लिए सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड मिलकर काम कर रहे हैं। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मो. अकरमिनिया ने कहा कि स्ट्रेट का पश्चिमी हिस्सा आईआरजीसी की नौसेना के अधीन है। पूर्वी हिस्सा ईरानी नौसेना के नियंत्रण में है।

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