डॉ मिक्की मेहता कांड: खत्म हो गया परिवार, मगर नहीं मिला न्याय

रायपुर 14 मई 2026: छत्तीसगढ़ के चर्चित डॉ मिक्की मेहता हत्या-आत्महत्या कांड में अपनी बहन को इंसाफ दिलाने में जुटे 56 वर्षीय माणिक मेहता की मौत ने छत्तीसगढ़ के राजनैतिक और प्रशासनिक सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया है। माणिक मेहता के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया। आज शाम रायपुर के मारवाड़ी शमशान घाट में माणिक मेहता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसमें माणिक की बहन,जीजा कर अन्य परिजन शामिल हुए। उन्होंने नम आँखों से परिवार के इस अंतिम सदस्य को आखिरी बार नमन किया।

 मेहता परिवार में इंसाफ की मुहिम में तीन मौतें,अधूरा इंसाफ और सिस्टम पर  उठते सवालों के बीच मेहता परिवार की आखिरी उम्मीद भी आज राख-राख हो गई| माणिक मेहता के अंतिम संस्कार में निकटतम परिजनों के अलावा उनके कुछ खास दोस्त और करीबी शामिल हुए।
जानकारी के मुताबिक,रिटायर्ड डीजी मुकेश गुप्ता vs डॉ मिक्की से माणिक मेहता तक परिवार के 3 सदस्यों की एक के बाद एक मौत हो गई|लेकिन,परिवार को न्याय नहीं मिल पाया| छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौका है,जब न्याय की तलाश में पूरा परिवार ही खत्म हो गया।

जानकारी के मुताबिक,रिटायर्ड डीजी मुकेश गुप्ता vs डॉ मिक्की प्रकरण में  इंसाफ की जंग में जुटी तीन जिंदगियां खत्म हो गई,लेकिन प्रदेश के राजनैतिक और प्रशासनिक सिस्टम पर जूं तक नहीं रेंगी| इस हत्या-आत्महत्या की गुत्थी आज भी “जस की तस” है|जबकि,इंसाफ की इस लड़ाई में अदालत ने कई मौको पर असलियत पर से पर्दा हटाने के लिए कभी पुलिस तो कभी छत्तीसगढ़ शासन को निर्देशित किया गया था। ( साभार: न्यूज टूडे छत्तीसगढ़ )

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