36 वर्षों पुराने विश्वकर्मा मंदिर पर कार्रवाई के विरोध में उठी आवाज

धार्मिक आस्था से जुड़े मंदिर को अवैध बताने पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश
कोरबा 12 मई। पाली रोड दीपका स्थित लगभग 36 वर्षों पुराने विश्वकर्मा मंदिर को नगर पालिका परिषद दीपका द्वारा कथित अवैध कब्जा बताकर की जा रही कार्रवाई के विरोध में अब क्षेत्रवासियों की आवाज मुखर होने लगी है। ग्राम दीपका निवासी रामप्रवेश शर्मा ने जिला कलेक्टर कोरबा को आवेदन सौंपकर मंदिर पर की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने एवं मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में बताया गया है कि विश्वकर्मा मंदिर पिछले कई दशकों से क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता एवं जनसहभागिता का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक कार्यक्रम एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित होती रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के सहयोग से निर्मित यह मंदिर क्षेत्रवासियों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
रामप्रवेश शर्मा ने आरोप लगाया कि बिना उचित जांच, सीमांकन एवं वैधानिक प्रक्रिया अपनाए मंदिर को अवैध कब्जा घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर को लेकर प्रशासनिक दबाव बनाए जाने से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों में भारी चिंता और आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि वर्षों पुराने धार्मिक स्थल को अचानक विवादित बताना जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले 15 से 20 वर्षों में मंदिर परिसर में किसी प्रकार का नया निर्माण अथवा अतिक्रमण नहीं किया गया है। इसके बावजूद बेदखली और कार्रवाई की आशंका से मंदिर से जुड़े लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है।
रामप्रवेश शर्मा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मंदिर भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, मामले की पूरी जांच की जाए तथा झूठी शिकायत एवं मानसिक प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने 36 वर्षों से संचालित विश्वकर्मा मंदिर एवं उससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से अपील की है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में संवेदनशीलता बरतते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द एवं जनभावनाएं सुरक्षित रह सकें।
