पेमेंट स्लीप और एचपीसी दर देने की मांगः किसान सभा के नेतृत्व में आक्रोशित ठेका मजदूरों ने किया गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

कोरबा 2 मई। एसईसीएल गेवरा खदान में कार्यरत ठेका मजदूरों को पेमेंट स्लीप और एचपीसी दर नहीं मिलने से अक्रोशित सैकड़ों ठेका मजदूरों ने आज सुबह से ही किसान सभा के नेतृत्व में एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर दिया। अक्रोशित घेराव को देखते हुए बड़ी संख्या में सीआईएसएफ और पुलिस बल उपस्थित था। चार घंटे घेराव के बाद ठेका कंपनी और एसईसीएल प्रबंधन ने ठेका मजदूरों को मिलने वाले अधिकारों को देने का लिखित आश्वासन दिया, उसके बाद घेराव समाप्त हुआ।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता प्रशांत झा और दीपक साहू ने बताया कि कोयला खदानों में ठेका मजदूरों को कम मजदूरी देकर उनका शोषण किया जा रहा है। इसे छुपाने के लिए उन्हें पेमेंट स्लीप नहीं दिया जाता। इससे मजदूर अपनी सही मजदूरी और कितने दिनों का वेतन दिया जा रहा है, इस जानकारी से वंचित रहते है।

मजदूरों ने कोयला प्रबंधन से कई बार इसकी शिकायत की, जिसका आज तक प्रबंधन ने संज्ञान नहीं लिया है। इससे साबित होता है कि प्रबंधन और ठेका कंपनी में खुली मिलीभगत है और दोनों भ्रष्ट हैं। प्रबंधन के रवैए से आक्रोशित सैकड़ों ठेका मजदूरों ने आज किसान सभा के नेतृत में गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया, जिसके बाद ठेका कंपनी और एसईसीएल प्रबंधन को मजदूरों को लिखित आश्वासन देने के लिए बाध्य होना पड़ा है। किसान सभा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी गड़बडियां जारी रहती है और अगर मजदूरों को उनके अधिकार से वंचित किया जाता है, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

ठेका मजदूर राकेश राजपूत और राम प्रताप ने कहा है कि ठेका मजदूरों को पहचान पत्र, पेमेंट स्लीप, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना प्रबंधन का कार्य है, उसे पूरा नहीं किया जाएगा, तो आगे खदान बंद आंदोलन भी किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रमेश दास,सोनू,दामोदर,राकेश राजपूत,राजकुमार पटवा,अनिल कुमार,राकेश महंत,शिव चौहान,मुकेश दास,भीमदास,सखन लाल अगहरिया समेत बड़ी संख्या में ठेका मजदूर उपस्थित थे।

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