बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर से मिलकर बताई समस्या

वेदांता प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी, अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष

कोरबा 28 अपै्रल। बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारी आज अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारियों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर वेदांता प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन (ऐक्टू से संबद्ध) के बैनर तले पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में बताया कि निजीकरण के बाद से कर्मचारियों के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा वैधानिक अधिकारों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के संयोजक बी.एल. नेताम, रामजी शर्मा, आर.के. महंत और रूपदास के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2019 में सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने के बावजूद अतिरिक्त दो वर्षों का वेतन, भत्ते और अन्य देयक अब तक नहीं दिए गए हैं। साथ ही फाइनल सेटलमेंट की राशि भी लंबित है, जिससे कई परिवार आर्थिक रूप से टूटने की कगार पर हैं। सबसे गंभीर मुद्दा चिकित्सा सुविधाओं का है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें कंपनी की ओर से इलाज की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह बंद कर दी गई है। बढ़ती उम्र और बीमारियों के बीच इलाज का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो गया है, जिसे उन्होंने अमानवीय स्थिति करार दिया।

इसके अलावा, संगठन ने आश्रितों को रोजगार देने की पुरानी नीति को फिर से लागू करने और बालकोनगर के व्यापारिक परिसरों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि बाहरी लोगों को दुकानें आवंटित की जा रही हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि वे वेदांता प्रबंधन को बुलाकर समयसीमा तय करें और सभी लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित करें।

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