एसईसीएल गेवरा प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, 7 दिन का अल्टीमेटम

कोरबा 11 अप्रैल। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के ग्राम अमगांव (रोहिदास मोहल्ला) के ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले तीन वर्षों से लंबित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी भूमि और संपत्ति का अधिग्रहण वर्ष 2004 में ही कर लिया गया था। वर्ष 2023 में मूल्यांकन और नापी की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने प्रबंधन पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोहल्ले के प्रभावशाली लोगों को मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा मिल चुकी है, जबकि रोहिदास समुदाय के परिवारों को जानबूझकर वंचित रखा गया है। उन्होंने इसे जातिगत शोषण बताया है। इससे पहले भी ग्राम पंचायत के 124 परिवारों को अपात्र घोषित कर मुआवजा रोकने का प्रयास किया गया था, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। विरोध स्वरूप मृत मवेशियों के साथ एसईसीएल गेवरा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते अब उन्हें सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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