स्मार्ट मीटर पर उपभोक्ताओं को राहत, प्रीपैड कनेक्शन अब नहीं होगा अनिवार्य

नई दिल्ली/रायपुर। बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब किसी भी उपभोक्ता को जबरन प्रीपैड कनेक्शन लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि प्रीपैड या पोस्टपैड कनेक्शन का विकल्प पूरी तरह उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा।
दरअसल, देशभर में स्मार्ट मीटर योजना के तहत तेजी से मीटर बदले जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी यह अभियान बड़े स्तर पर जारी है, जहां करीब 60 लाख उपभोक्ताओं के मीटर बदले जाने हैं और 35 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शुरुआत में प्रीपैड कनेक्शन को अनिवार्य किए जाने की चर्चा से कई जगहों पर विरोध भी देखने को मिला था।
इस मुद्दे पर उपभोक्ता संगठनों ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का हवाला देते हुए आपत्ति जताई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रीपैड व्यवस्था केवल एक विकल्प होगी, बाध्यता नहीं।
हालांकि, सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों को प्रीपैड में बदलने की प्रक्रिया जारी है। जानकारी के अनुसार, ब्लॉक स्तर पर करीब 45 हजार कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी की जा रही है। सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार बिलिंग विकल्प चुनने की आजादी मिलेगी।
