आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

कोरबा 07 अपै्रल। घर से बिना किसी को बताए युवती कहीं चली गई। उसकी खोजबीन के बाद परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। मामले में उस वक्त नया मोड़ आया, जब युवती के लापता होने में दो बच्चों के पिता की भूमिका सामने आई। वे कुछ करते, इससे पहले जहर सेवन के कारण युवती की मौत की खबर आई। परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तो युवक को देख उनका गुस्सा फूट पड़ा। वे युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने पीड़ित परिवार को समझाईश देते हुए करीब 36 घंटे बाद वैधानिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।
बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एक परिवार निवास करता है। इस परिवार की 25 वर्षीय बेटी केएन कॉलेज में पढ़ाई करती थी। युवती 31 मार्च की सुबह करीब 6 बजे घर में बिना बताए कहीं चली गई। उसके काफी देर तक घर नही लौटने पर परिजनों को चिंता सताने लगी। उन्होंने युवती की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई सुराग नही मिला। उसका अंक सूची, आधार कार्ड व एटीएम सहित जरूरी दस्तावेज भी घर में नही थे, जिससे परिजनों को संदेह हो गया। वे थाना में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पतासाजी में जुटे रहे। इस दौरान उनके हाथ एक मोबाइल नंबर लगा, जिससे परिजनों को घुड़देवा में रहने वाले दो बच्चो के पिता करन लहरे नामक युवक पर बहला फुसलाकर ले जाने का संदेह हो गया। उन्होंने युवक के परिजनों से पूछताछ की तो उनका शक यकीन में बदल गया। दरअसल करन भी दो तीन दिनों से गायब था। युवती के परिजन उसकी खोजबीन में लगे ही थे। इसी बीच 4 अप्रैल को करन की मां ने युवती के परिजनों को कॉल कर उसके मेडिकल कॉलेज अस्पताल में होने की जानकारी दी। परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक जहर सेवन से गंभीर युवती की मौत हो चुकी थी। परिजन अपने परिवार के साथ युवक को अस्पताल में देख आक्रोशित हो गए। उन्होंने युवक पर भड़ास निकालना शुरू कर दिया। वे पुलिस से युवक को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। पुलिस आक्रोशित परिजनों को नियमों से अवगत कराते हुए समझाइश देने का प्रयास करती रही, लेकिन बात नही बनी। आखिरकार रविवार की सुबह बांकीमोंगरा थाना प्रभारी चमन सिंहा, एएसआई नंदलाल टंडन व सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाईश देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर वैधानिक कार्रवाई पूरी हुई। इसके साथ ही पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले करन लहरे को गिरफ्तार कर लिया। उसे वैधानिक कार्रवाई उपरांत कोर्ट पेश किया गया है।मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल आरोपी करन जहर सेवन से गंभीर युवती को लेकर 3 अप्रैल की रात अस्पताल पहुंचा था। उसकी 4 अप्रैल की सुबह करीब 5 बजे मौत हो गई। इसके बावजूद पुलिस को सूचना नही दी गई। अस्पताल में दोनों पक्ष के आमने सामने होते ही हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच करीब 12 घंटे बाद यानि शाम 5 बजे अस्पताल पुलिस चौकी मेमो भेजा गया। जिससे वैधानिक कार्रवाई में भी देरी हुई।
एक नंबर पर बार बार बात का खुलासा
युवती के लापता हो जाने से परिजन बेहद परेशान थे। उन्होंने युवती के मोबाइल की जांच की तो एक नंबर पर बार बार बात होने की जानकारी सामने आई। जिससे परिजनों को करन लहरे पर संदेह हो गया। युवती के भाई ने करन के संबंध में जानकारी लेने उसके परिजनों से संपर्क किया। इस दौरान करन के घर में नही रहने व टिफिन लेकर जाने की बातें सामने आई। इसी बीच युवती के माता पिता को उनके बेटे के बार बार घर आने पर मारने की धमकी भी मिली। परिजनों ने करन के माता पिता से संपर्क किया। उन्हें भी करन के व्यवहार में बदलाव से संदेह हो गया। वे भी करन के अलावा युवती की पतासाजी में जुटे थे। इसी दौरान उन्हें जहर सेवन के बाद युवती को अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी मिली। इस बात से पीड़ित परिवार को अवगत करा दिया। सूत्रों की मानें तो करन ने युवती को कोतवाली अंतर्गत पुरानी बस्ती में किराए के मकान पर रखा हुआ था। जहां उसके द्वारा जहर सेवन की बात कही जा रही है। बहरहाल पुलिस की पड़ताल जारी है।
