Chaitra Navratri 2026 Shubh Muhurat : कल से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

नवरात्रि के नौ दिनों का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान होता है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। इसके प्रथम दिन पर शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है और अगले 9 दिनों तक देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रही है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं पं. राकेश झा से कि नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त कब से लग रहा है, पूजा का समय क्या होगा और पूरी सामग्री लिस्ट भी जानें।
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना और पूजा का मुहूर्त
शुभ चौघड़िया सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 7 बजकर 57 मिनट तक
लाभ चौघड़िया दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट से लेकर 1 बजकर 59 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक
19 मार्च, गुरुवार के दिन चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना करने के लिए सबसे शुभ अभिजीत मुहूर्त होगा। जो दोपहर में 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। वहीं, इस दौरान लाभ चौघड़िया दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट से लेकर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में कलश स्थापना करना सबसे उत्तम रहेगा।
इसके अलावा, जो जातक दोपहर में पूजा नहीं कर सकते उनके लिए कलश स्थापना का मुहूर्त शुभ चौघड़िया, सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में घर में कलश स्थापना की जा सकती है। लेकिन मंदिरों और पंडालों में कलश स्थापना का सबसे उत्तम मुहूर्त अभिजीत होगा। इन्हीं शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक कलश स्थापना करने के पश्चात विधि-विधान से पूजा करना शुभ फलदायी रहेगा।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें से पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने का विधान होता है। माता का स्वरूप अत्यंत शांत, सुशील, दया पूर्ण और सरल है। मान्यता है की विपत्ति के समय मां शैलपुत्री अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं। चैत्र नवरात्रि के दिन विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा करनी चाहिए।
