कोरबा में कबाड़ माफिया ने दो करोड़ की रेल लाइन पार किया

कोरबा में कबाड़ माफिया ने दो करोड़ की रेल लाइन पर हाथ साफ किया

कोरबा। एक तरफ साइबर अपराध पर कार्रवाई करने साइबर थाना की शुरुआत की गई है तो दूसरी ओर कबाड़ चोरी सबाब पर है। ऊर्जाधानी कोरबा में इन दिनों कबाड़ चोरों का आतंक चरम पर है। चोर अब छोटी-मोटी चोरियों को छोड़कर सीधे सरकारी संपत्तियों और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला गेवरा-पेंड्रा रोड रेल लाइन विस्तार कार्य का है, जहाँ निर्माणाधीन साइट्स से करोड़ों रुपये के लोहे और रेल पटरियों की कटिंग कर उन्हें पार किया जा रहा है। वही चोरों ने आधुनिक कटर मशीनों और भारी वाहनों का उपयोग कर रेल लाइन के हिस्सों को निशाना बनाया है। इससे न केवल आर्थिक हानि हो रही है, बल्कि परियोजना की लागत और समय सीमा भी प्रभावित हो रही है। यह केवल छिटपुट चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम प्रतीत होता है। चोरों द्वारा उन क्षेत्रों को चुना जा रहा है जो घने जंगलों या कम आबादी वाले इलाकों से गुजरते हैं।इसके साथ की बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के पंखा दफाई में बीती रात्रि चोरो ने कीमती रेल को काट दिए हाइड्रा मशीन का शीशा तोड़ दिए। रेल परियोजना की सुरक्षा के लिए तैनात तंत्र और स्थानीय पुलिस की गश्त पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में लोहे की कटिंग और परिवहन बिना किसी रोक-टोक के होना मिलीभगत की आशंका को भी जन्म देता है।

गेवरा से पेंड्रा तक बन रही यह रेल लाइन कोयला परिवहन और यात्री सुविधाओं के लिए लाइफलाइन मानी जा रही है। इस परियोजना में हो रही देरी का सीधा असर क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर पड़ेगा।

हाल के दिनों में कबाड़ के अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तो हुई है, लेकिन मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। रेल संपत्ति की चोरी और स्थानीय पुलिस की धाराओं के बीच समन्वय की कमी का फायदा भी अपराधी उठा रहे हैं।

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