नगर सेना कोरबा: बड़े बे-आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…!

नगर सैनिकों के कामबंद हड़ताल और धरना प्रदर्शन के बाद हटाए गए होमगार्ड के कोरबा जिला सेनानी

प्रशिक्षण संस्थान रायपुर से किए गए संबद्ध

कोरबा 27 जनवरी। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में होमगार्ड के नगर सैनिकों की कम बंद हड़ताल और धरना प्रदर्शन के बाद अंततः जिला सेनानी (डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट) को हटा दिया गया। इसके साथ ही सभी नगर सैनिक अपनी हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए।

होमगार्ड मुख्यालय से आदेश जारी कर कहा गया है कि केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान, नगर सेना माना केम्प, रायपुर में संचालित किये जाने वाले नगर सैनिकों के एडवांस कोर्स एवं लीडरशिप कोर्स के संचालन हेतु श्री अनुज कुमार एक्का, जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, कोरबा को तत्काल प्रभाव से दिनांक 28.01.2026 से केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान, नगर सेना माना केम्प, रायपुर में संबद्ध किया जाता है। श्री एक्का के प्रशिक्षण संचालन के दौरान जिला कोरबा के प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन हेतु सुश्री योग्यता साहू जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, जांजगीर-चांपा छ. ग. को निर्देशित किया गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले, मंगलवार 27 जनवरी की सुबह समूचे कोरबा जिले में कार्यरत नगर सैनिक, अपने बर्खास्त साथी की बहाली, जिला सेनानी का तबादला और नगर सैनिकों को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर बेमियादी धरना पर बैठ गए थे। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

नगर सैनिकों का आरोप है कि होमगार्ड के जिला सेनानी अनुज एक्का लंबे समय से नगर सैनिकों को प्रताड़ित कर रहे थे। महिला सैनिकों के साथ भी उनका व्यवहार आपत्तिजनक रहता था। जिला सेनानी की प्रताड़ना से आक्रोशित नगर सैनिकों ने पिछले माह भी उन्हें हटाने की मांग करते हुए धरना शुरू किया था। उस समय संभागीय सेनानी बिलासपुर नरसिंह नेताम में सम्मेलन आयोजित कर नगर सैनिकों की समस्याएं सुनी थी। लेकिन इसके बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नगर सैनिक संतोष पटेल को कथित रूप से डराया धमकाया गया और फिर बर्खास्त कर दिया गया।

बर्खास्तगी की कार्रवाई से संतोष पटेल व्यथित हो उठा। उसने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को एक पत्र लिखकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। इस पत्र में जिला सेनानी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद संतोष पटेल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आज 27 जनवरी को राजधानी रायपुर स्थित एम्स रिफर कर दिया गया।

नगर सेना (होमगार्ड) के जवान संतोष पटेल द्वारा कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने के बाद जिले में तनाव की स्थिति बन गई थी। घटना से आक्रोशित नगर सैनिकों ने मंगलवार को काम बंद कर जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया।

उल्लेखनीय है कि पूरा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा हुआ था, उसी समय पीड़ित नगर सैनिक संतोष पटेल ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर उसे उपचार के लिए तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

घटना के बाद संतोष पटेल के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया। इस नोट में उसने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना, अपमान और बर्खास्तगी की धमकियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद वह अपने वृद्ध माता पिता, पत्नी और तीन बच्चों की परवरिश करने में स्वयं को असमर्थ मानने लगा था।

सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि उसने अपनी समस्या को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन से शिकायत की थी और इस संबंध में बैठक भी हुई थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उसे बार-बार अकेले में बुलाकर डराया धमकाया गया, मानसिक दबाव बनाया गया और अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने को “नेतागिरी” बताया गया।

घटना से नाराज नगर सैनिकों ने मंगलवार की सुबह से जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे जवानों संतोष पटेल को बहाल किए जाने, जिला सेनानी का तत्काल तबादला करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने तक कम बंद हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर दी। नगर सैनिकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रखा जाएगा।

नगर सैनिकों की हड़ताल से पूरे जिले में छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था ठप्प हो गई। विभिन्न कार्यालयों और आरक्षी केंद्रों की व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ने लगा था। परिणाम स्वरूप दोपहर होते होते जिला सेनानी का कोरबा से हटा दिया गया। बर्खास्त नगर सैनिक संतोष पटेल की एक सप्ताह के भीतर बहाली का भी आश्वासन दिया गया है।

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