मेडिकल कॉलेज अस्पतालः मरीज के खाने में मिला बाल और लकड़ी का तिनका, गला अटकने से बिगड़ी हालत

भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
कोरबा 25 जनवरी। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। टीबी वार्ड में भर्ती एक मरीज के भोजन में बाल और लकड़ी का तिनका मिलने से हड़कंप मच गया। खाना खाते समय मरीज का गला अटक गया, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।
जानकारी के अनुसार, बालको परसाभांठा निवासी 42 वर्षीय राम प्रसाद धीवर पिछले तीन वर्षों से टीबी की बीमारी से जूझ रहे हैं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें करीब तीन महीने पहले जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के टीबी कक्ष में भर्ती कराया गया था। मरीज की पत्नी राम कुमारी ने बताया कि शनिवार दोपहर अस्पताल की ओर से भोजन दिया गया था। जैसे ही राम प्रसाद ने खाना खाना शुरू किया, अचानक उनका गला अटक गया। स्थिति गंभीर होती देख पत्नी ने तुरंत खाना बाहर निकाला, जिसमें लंबे बाल और लकड़ी का तिनका मिला। इसके बाद ही मरीज को राहत मिली। राम कुमारी ने इस घटना की जानकारी तुरंत ड्यूटी नर्स और अन्य स्टाफ को दी। उन्होंने बताया कि उसी वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज के परिजन भी खाने की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जता रहे थे। मामले पर मेडिकल कॉलेज के संयुक्त संचालक गोपाल कंवर ने कहा कि फिलहाल उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के भोजन की आपूर्ति का ठेका फिलिप्स नामक निजी कंपनी को दिया गया है। कंपनी पिछले एक वर्ष से निर्धारित मेनू के अनुसार मरीजों को भोजन उपलब्ध करा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
