पल्स पोलियो टीकाकरण का शुभारंभः 1578 बूथ में 5 साल तक के बच्चों को दी पोलियो की दवा

शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अभियान का क्रियान्वयन

कोरबा 21 दिसम्बर। भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत पल्स पोलियो टीकाकरण के पहले चरण में आज 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा दी गई। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन की सेवाएं इस कार्य में प्राप्त हुई। प्रमुख स्थानों पर जनप्रतिनिधियों के द्वारा टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष सभी बूथ के कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग प्रोत्साहन राशि देगा।

स्वास्थ्य विभाग ने सरकार से प्राप्त गाइडलाइन के हिसाब से इस अभियान का क्रियान्वयन जिले में किया। कुछ दिनों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान के लिए पर्याप्त प्रचार प्रसार किया गया ताकि लोग जागरुक हो। अभियान को देखते हुए अग्रिम रूप से आसपास के सेंटर्स में पोलियो ड्रॉप तो रिजर्व किया गया। आज सुबह 8 बजे से सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, रेलवे स्टेशन बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और सार्वजनिक स्थान पर बूथ बनाए गए। यहां पर मैदानी अमले के द्वारा बच्चों को पोलियो ड्रॉप दिए गए ताकि वह हर हाल में बेहतर रहे। पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान को लेकर जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने अपने बच्चों को पोलिंग बूथ तक पहुंचा और अभियान से लाभान्वित किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि हमारा लक्ष्य आज की तारीख में ही 5 वर्ष तक के एक लाख 72 हजार 423 बच्चों को पोलियो की दवा दिलाई जानी है। फिर भी अन्य स्थिति में आज जो बच्चे छूटेंगे, उन्हें अगले दो दिन में घर पहुंच कर यह सेवा दी जाएगी। देवांगनपारा वार्ड क्र.5 के एक बुथ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाजवंती दीवान, मितानीन कृष्णा देवांगन, एएनएम सुधा बंसोड़, नर्सिंग छात्रा नमिता यादव व आशा मिंज ने दवा पिलाई।

3840 कर्मियों की मिली सेवाएं
जिले में पल्स पोलियो टीकाकरण को आज क्रियान्वित करने के लिए कुल 3840 मानव संसाधन का उपयोग किया गया। प्रत्येक बूथ पर व्यवस्था बेहतर करने के लिए इन्हें डिप्लॉय किया गया। अभियान में कुछ सामाजिक संगठन ने भी अपने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग किया।

पड़ोसी देश में नए केस इसलिए सतर्कता
वर्ष 2011 के बाद भारत में पल्स पोलियो के कोई भी नए मामले नहीं आए हैं। अब तक यही स्थिति है। लेकिन भारत के अगल-बगल के देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के नए केस लगातार आ रहे हैं इसलिए भारत ने सतर्कता रखी है। इसलिए प्रतिवर्ष सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पल्स पोलियो टीकाकरण के अभियान पर जोर दिया गया है ताकि खतरों को दूर किया जा सके।
डॉ पुष्पेश कुमार,
मेडिकल ऑफिसर जिला अस्पताल

Spread the word