चेन्नई और सोलन में बनी यह तीन एंटीबायोटिक टैबलेट नकली

रायपुर। राजधानी रायपुर में सप्लाई चेन्नई व सोलन में बनी दवाइयां नकली व सब स्टैंडर्ड निकलीं हैं। इसकी पुष्टि कालीबाड़ी स्थित ड्रग विभाग की लैब में जांच में हुई है। तीनों एंटीबायोटिक दवाइयां हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नकली व सब-स्टैंडर्ड दवाइयां बीमारी पर असर नहीं करती, जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं राजधानी में नकली दवाओं को खपाने का गोरखधंधा तो नहीं चल रहा है।
ड्रग विभाग के अधिकारियों से मिली न जानकारी के अनुसार जी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नहान रोड, पौटा साहिब सोलन, हिमाचल प्रदेश में बनी टैबलेट जी-सेफ-एजेड यानी सिफिक्सिम एंड एजिथ्रोमाइसिन विथ लैटिक एसिड बैसिलस नकली व सब स्टैंडर्ड निकले हैं। इसका बैच नंबर जीबी-2440 है और अक्टूबर 2026 में एक्सपायर होने वाला है। इसी तरह जीसी हेल्थ केयर परवानू सोलन की टैबलेट एमाक्सिलीन पोटेशियम क्लावुलेनेट एंड लैक्टिक एसिड बैसिलस टैबलेट 625 एमजी, बैच नंबर जीसीए012, जो मार्च 2027 में एक्सपायर होने वाली है, जांच में खरी नहीं उतरी है। तीसरी टैबलेट निर्माता मेसर्स लार आक्स फार्मास्युटिकल्स गोपालकृष्णन रोअद्रोअद, चेन्नई में बनी है। ये एजोथ्रोमाइसिन लैक्टिक एसिड बैसिलस टैबलेट, बैच नंबर 2827 है। यह दवा अप्रैल 2027 में एक्सपायर होने वाली है।
जिलों को किया अलर्ट, बिक्री न होने दें
ड्रग विभाग ने नकली व सब स्टैंडर्ड दवा मिलने की जानकारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन नई दिल्ली दे दी है। साथ ही सभी जिलों के ड्रग आफिसर को अलर्ट रहने को कहा गया है। इन तीनों कंपनियों की संबंधित बैच की दवा मिलने पर बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की अपील है कि जनता, दवा विक्रेताओं एवं परिवहन एजेंसी संदिग्ध दवाओं या किसी भी अनियमित गतिविधि की सूचना तत्काल ड्रग विभाग के हेल्पलाइन 9340597097 पर दें। नंबर
नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट गोगांव में उतरी खेप… ड्रग
विभाग के अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली कि नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट गोगांव में दवा की खेप उतरी है। दवा का पार्सल किसी व्यक्ति या दुकानदार प्राप्त नहीं कर रहा है। साथ ही दवा के नकली होने का संदेह है। निरीक्षण के दौरान बिल्टी एवं इंदौर से प्रेषित दवा के डाक का अवलोकन कराया गया। इसमें पाया गया कि बिल में जिन दवाओं का उल्लेख था, वे डाक में उपलब्ध नहीं थीं तथा डाक में अन्य तीन प्रकार की दवाइयां पाई गईं।
