छत्तीसगढ़ कोरबा में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर लाखों रूपयों की धोखाघड़ी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर लाखों रूपयों की धोखाघड़ी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना की सीएसईबी पुलिस चौकी में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के रांची निवासी दिलेश्वर मुंडा ने कोरबा में 10 लोगों से संपर्क कर ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज की जानकारी दी और आकर्षक कमीशन पर लोगों को जो एक्सचेंज में निवेश करने के लिए प्रेरित करने तैयार किया। 20 जून 2025 को कोरबा के एक होटल में बैठक आयोजित की गई जिसमें जिले के निवासी शामिल हुए। इस बैठक में रांची के दिलेश्वर मुंडा और मोहम्मद सादाब अंसारी उपस्थित थे।
खुद को क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज का प्रमोटर बढ़कर दिलेश्वर मुंडा और सादाब अंसारी ने यो एक्सचेंज निवेश करने पर 30 फ़ीसदी मासिक लाभांश मिलने का लालच दिया। इसी वर्ष 1 अगस्त 2025 को मलेशिया में क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज को लांच किया गया। इस मौके पर दावा किया गया कि क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज क्रिप्टो ऑडिट कंपनी से प्रमाणित है। निवेशकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई लॉकिंग पीरियड नहीं है और निवेशक जब चाहे अपने रुपए वापस ले सकते हैं। यह घोषणा भी की गई कि जो भी निवेशक 2 लाख 70 हजार रुपए का एकमुश्त निवेश करेगा उसे अक्टूबर माह में दुबई का मुफ्त भ्रमण कराया जाएगा।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार दिलेश्वर मुंडा और मोहम्मद सादाब अंसारी के झांसे में आकर कोरबा के निवेशकों ने क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज में निवेश प्रारंभ किया। इसी दौरान 6 सितंबर 2025 को यो एक्सचेंज का वेबसाइट एक बंद हो गया। निवेशकों ने प्रमोटर्स से संपर्क तो पहले तो उन्हें बताया गया कि यो एक्सचेंज पर बड़ा साइबर अटैक हुआ है जिसके कारण वेबसाइट बंद हो गया है, लेकिन बाद में प्रमोटरों ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद निवेशकों को ठगे जाने की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। कोरबा के कुल 46 निवेशकों ने पुलिस में शिकायत की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
