विश्वकर्मा जयंती पर यांत्रिकी क्षेत्र में हुई विधिवत विश्वकर्मा पूजा

कोरबा 17 सितंबर। आज शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का प्रकट दिवस संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जा रहा है। सुबह से ही पंडालो में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई और फिर उनका विधि वत पूजन किया गया।

ब्रह्मांड की रचना करने वाले भगवान विश्वकर्मा का जन्मोत्सव पूरे भारत में मनाया गया मुख्यतः उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में आदि शिल्पी के अवतरण दिवस को अगणित स्थान पर मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना की गई। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण कोरबा के सार्वजनिक और निजी प्रतिष्ठानों में मालिकों और कर्मचारियों ने मिलकर विश्वकर्मा जयंती मनाई। हाईवे और लाइट व्हीकल को सुबह से धुलाई कर उसकी पूजा कर भगवान विश्वकर्मा से आशीष मांगा गया कि वाहन और चालक दोनों हमेशा सही सलामत रहे। परिवहन नगर तो पूरी तरह भगवान विश्वकर्मा मय हो गया।

गौरतलब है कि भारत के प्रसिद्ध त्योहार में से एक विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिक वर्ग उनकी पूजा अधिक करता है माना जाता है कि इस संपूर्ण ब्रह्मांड को भगवान विश्वकर्मा ने ही तैयार कराया उन्हें रचयिता और शिल्पकार माना जाता है। कथा है कि भगवान विश्वकर्मा भगवान वास्तु और देवी अंग श्री के पुत्र हैं। उन्होंने सृष्टि निर्माण में भगवान ब्रह्मा के साथ मिलकर प्रमुख भूमिका निभाई थी उन्होंने ही पूरी दुनिया का नक्शा तैयार कराया था भगवान कृष्ण की राजधानी द्वारिका का निर्माण भी भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। उन्होंने ही पांडवों के लिए माया सभा भ्रम का भवन आज का निर्माण कराया था यह भी माना जाता है भगवान विश्वकर्मा नहीं पुराणों में वर्णित विभिन्न युद्धों में कई हिंदू देवी देवताओं के लिए विभिन्न हथियारों का आविष्कारक भी उन्हें ही माना जाता है।

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