अमरीकी जनरल माइकल कुरिल्ला को पाक का निशान- ए- इम्तियाज सम्मान, मुनीर का ट्रम्प से करायी थी मुलाकात; मिल गया इनाम

इस्लामाबाद. अमरीका और पाकिस्तान के बीच नए सिरे से गहरे होते संबंधों की कड़ियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं। पाकिस्तान ने शनिवार को अमरीकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला को पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े अवार्ड निशान-ए-इम्तियाज (सैन्य) से सम्मानित किया है। यह पहला मौका है जब किसी अमरीकी जनरल को यह पुरस्कार दिया गया है।

पाकिस्तान ने कुरिल्ला को यह अवार्ड ‘पाकिस्तान अमरीका सैन्य संबंध मजबूत’ करने में योगदान देने के लिए दिया है।

दरअसल कुरिल्ला ही वह कड़ी है, जिनके जरिए पाक सेनाध्यक्ष असीम मुनीर पिछले दिनों अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप तक पहुंचने में कामयाब हुए थे। इस तरह, पाक सेनाध्यक्ष असीम मुनीर ने इस कदम के जरिए ट्रंप के प्रति अपनी वफादारी का सबूत पेश किया है, जिन्होंने पिछले दिनों पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से वाइट हाउस में मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि यह पहला मौका था जबकि पाकिस्तान ही नहीं किसी भी देश के सेनाध्यक्ष को सीधे बुलाकर अमरीकी राष्ट्रपति वाइटहाउस में मिले थे।

इसके पहले अमरीकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के जिन भी जनरलों से वाइट हाउस में मिले, वो उनके पाकिस्तान के राष्ट्रपति बनने के बाद मिले थे। जानकारों का कहना है कि अमरीका के प्रति पाकिस्तान के इस नरम रवैये का कारण ईरान से गहराते तनाव में पाकिस्तान की बढ़ती जरूरत है।

पाक के जरिए ईरान से हो रहा संवाद

अमरीका-पाकिस्तान की 1980 में हुई संधि के तहत पाकिस्तान में ईरानी दूतावास में एक ‘स्ट्रेटजिक अफेयर्स सेल’ बनाने पर सहमति बनी थी, जिसका काम पाक के जरिए अमरीका-ईरान संवाद को बनाए रखना था। ईरान से तनाव के बीच एक बार फिर अमरीका को पाकिस्तान की जरूरत बढ़ी है। पाक की भूमिका क्षेत्रीय राजनीति में भी है।
-प्रो. स्वर्ण सिंह, विदेश मामलों के जानकार

Spread the word