छत्तीसगढ़: सब लाठी लेकर जाएंगे विधानसभा, नेता प्रतिपक्ष के बयान पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने जताया कड़ा एतराज और कह दी बड़ी बात

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से शुरू होने वाला है, लेकिन इससे पहले ही सदन की गरिमा और मर्यादा को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि “इस बार सब लोग लाठी लेकर विधानसभा जाएंगे।”
हालांकि महंत यह बात हंसते हुए और शायद मजाक में कह रहे थे, लेकिन उनके इस बयान को लेकर कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। चर्चा है कि यह बयान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हालिया “आक्रामक होने की सलाह” के जवाब में एक तंज के रूप में दिया।
रमन सिंह का पलटवार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने महंत के इस बयान को लेकर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा “महंत जी को शायद ज़्यादा डोज़ मिल गया है। वो दो दिन बाद खुद ही भूल जाएंगे कि उन्होंने क्या कहा था। विधानसभा की एक मर्यादा होती है और इसका सम्मान हर सदस्य को करना चाहिए।”
रमन सिंह ने यह भी जोड़ा कि, “महंत खुद विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं, उन्हें बताने की ज़रूरत नहीं कि स्पीकर क्या-क्या आदेश देता है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा पूरे देश में आदर्श मानी जाती है, इसकी गरिमा को विपक्ष और पक्ष मिलकर बनाए रखते हैं।”
कांग्रेस की बैठक में उठी थी बात
बातचीत की शुरुआत कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में हुई, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंत को और अधिक मुखर और आक्रामक भूमिका निभाने की सलाह दी थी। माना जा रहा है कि इसी के जवाब में महंत ने लाठी वाले बयान के जरिये हास्य-व्यंग्य के माध्यम से पार्टी नेतृत्व को संदेश देने की कोशिश की।
