पाथवे के कारण राहगीरों को बना है खतरा

दरार पडने के साथ नहर की ओर झुक गया है पाथवे
कोरबा 12 जून। जल संसाधन विभाग द्वारा बनाई गई बायीं तट नहर जर्जर हो चुकी है। संजय नगर से सीतामणी शनि मंदिर तक जर्जर नहर का असर यहां बनाए गए बाउंड्रीवाल और पाथवे पर पडने लगा है। संजय नगर और शनि मंदिर के बीच दो स्थानों पर पानी के कटाव से बाउंड्रीवाल पूर्व में ही धराशायी हो चुकी है वहीं अब पाथवे पर दरार पडने के साथ नहर की ओर झुकता जा रहा है। ऐसे में कभी भी पाथवे का नहर में समाने का खतरा बना हुआ है।
नगर पालिक निगम द्वारा संजय नगर होते हुए सीतामणी व रेलवे स्टेशन तक जाने पक्की सडक का निर्माण कराया गया है। सड़क किनारे पाथवे भी बनाया गया है। सडक पर रोशनी हो सके इसके लिए पाथवे पर बिजली के खंभे लगाकर इसमें लाइटें लगाई गई है। लंबे समय से इस मार्ग से लोग आवागमन कर रहे हैं। लेकिन बगल से गुजरी जल संसाधन विभाग की बांयीं तट नहर के पूरी तरह जर्जर होने से पानी के बहाव से मिट्टी का कटाव होता जा रहा है। जल संसाधन विभाग द्वारा लंबे समय से नहर की मरमत नहीं कराई गई है। नहर के दोनों ओर बनाए गए स्लेब जर्जर हो चुके हैं। विभाग द्वारा सिंचाई के लिए जब नहर में पानी छोड़ा जाता है तब पानी लगातार मिट्टी को काटती चली जा रही है। इससे बाजू से गुजरे सडक़ को नुकसान पहुंच रहा है। सडक व पाथवे के नीचे की मिट्टी का कटाव होने से यह नहर की ओर झुकता जा रहा है। मिट्टी के कटाव के कारण पूर्व में यहां लोगों को दुर्घटना से बचाने बनाया गया बाउंड्रीवाल दो स्थानों पर टूटकर धराशायी हो चुका है। अब पाथवे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
विभाग की मानें तो नहर मरमतीकरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ठेकेदार द्वारा बारिश बाद कार्य प्रारंभ कराने की बात कही गई है। बारिश करीब है। ऐसे में नहर में पानी का बहाव भी तेज हो जाएगा इससे मिट्टी कटाव भी बढ़ेगा। मिट्टी का कटाव बढने से पाथवे व सडक़ को नुकसान का हो सकता है।
