झारखंड: राज्यपाल पद छोड़कर आदिवासियों को जागरूक करने के अभियान पर निकले रघुबर

संथालपरगना दौरे पर रघुवर दास, जामताड़ा में आदिवासियों के साथ लगाया जन चौपाल

जामताड़ा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शुक्रवार को संथाल दौरे पर जामताड़ा पहुंचेl जहां आदिवासी बहुल गांव मोहनपुर गांव में जन चौपाल लगाकर आदिवासियों को जागरूक किया। इस दौरान भाजपा नेता रघुवर दास ने झारखंड की हेमंत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 70 साल से संथाल में आदिवासी समाज सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं. आज वो लाट साहब का पद छोड़कर जनजाति समाज को जागरूक करने निकले हैं. जनजातीय समाज को जागरूक करना एक मात्र अपना लक्ष्य बताया।
भाजपा नेता रघुवर दास जनजातीय समाज और आदिवासी समाज को जागरूक करने के लिए संथाल दौरे पर निकल हैं. संथाल दौरे के क्रम में जामताडा के आदिवासी बाहुल गांव मोहनपुर गांव में आदिवासी के साथ जन चौपाल लगाया. जहां उन्हें आदिवासी समाज के लोगों ने रीति-रिवाज के अनुसार उनका भव्य स्वागत किया. इस दौरान जन चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से रघुवर दास ने आदिवासी संथाल समाज को जागरूक होने पर बल दिया।
रघुवर दास ने आदिवासी समाज को नौजवानों को अपने समाज को जागरूक करने के लिए आगे आने का आह्वान किया. साथ बी उन्हें शिक्षित होने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि 70 साल से संथाल के आदिवासी समाज से वोट बैंक की राजनीतिक रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं. आज भी यह समाज शोषित, पीड़ित और अत्याचार से ग्रसित है. ऐसे में इन्हें जगाने की जरूरत है. जन चौपाल कार्यक्रम में रघुवर दास ने जमकर झारखंड के हेमंत सरकार पर भी हमला बोला।
रघुवर दास ने राज्य सरकार से पेसा कानून लागू करने की मांग की. पेसा कानून को लागू करने को लेकर विधि विभाग से पूरी सहमति भी दे दी गई है, हाई कोर्ट ने भी आदेश दे दिया है. इसके बावजूद राज्य सरकार किसके भय और दबाव में कानून लागू नहीं करना चाहती है. पेसा कानून लागू नहीं होने से झारखंड के 13 जिला जो आदिवासी रूढ़िवादी व्यवस्था है उसके लिए केंद्र सरकार से 1400 करोड़ रुपया नहीं मिल पा रहा है।
रघुवर दास ने सरना धर्म कोड के सवाल पर सरना धर्म कोड से पहले जरूरी पेसा कानून लागू होना बताया. उन्होंने कहा कि सरना धर्मावलंबी पर चौतरफा का हमला हो रहा है. धर्मांतरण का धंधा खुलेआम चल रहा है. जब सरना धर्म ही नहीं बचेगा तो सरना धर्म कोड किसके लिए, इसलिए पहले पेसा कानून जरूरी है।
बांग्लादेशी घुसपैठ के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ से आदिवासी समाज पर आक्रमण हो रहा है. संथाल का डेमोग्राफी चेंज हो रहा है. साथ ही साथ विधि-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
भाजपा नेता रघुवर दास ने सभी राज्य सरकार से बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर कानून बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी का वोटर लिस्ट से नाम काटकर उनके आधार कार्ड जब्त कर बॉर्डर पर छोड़ने का काम सरकार करें।
रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री बनना उनका शौक नहीं है. वह अपना लाट साहब यानी राज्यपाल का पद छोड़कर जनजाति समाज को जागरूक करने के लिए निकले हैं. उनका एकमात्र लक्ष्य है कि झारखंड के जनजाति समाज को जागरूक करना।
उन्होंने बताया कि झारखंड से उनकी पहचान है, झारखंड की जनता ने उनको काफी पद और गरिमा दिलाई है और वो झारखंड को बहुत करीबी से देखे हैं. इसलिए वह अपनी पार्टी के नेतृत्व से निवेदन किया कि उन्हें राज्यपाल का पद नहीं चाहिए मुझे वह राजपाल के पद से मुक्त कर जनजाति समाज की सेवा करने का मौका दें।
भाजपा नेता रघुवर दास ने जामताड़ा के आदिवासी गांव में जन चौपाल कार्यक्रम के साथ जनजाति समाज को जागरूक करने का शुरुआत की है. जन चौपाल कार्यक्रम के बाद प्रत्येक आदिवासी जनजाति गांव में जागरूक करने के लिए पैदल यात्रा कार्यक्रम चलाने की भी घोषणा की है।

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