ममता बनर्जी की निकली शव यात्रा, जलाया पुतला

कोरबा 20 अपै्रल। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के कारण हिंदुओं को भारी भरकम नुकसान हुआ। सबसे शर्मनाक स्थिति यह रहेगी पुलिस की मौजूदगी में इस प्रकार की घटनाएं हुई। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीपी घोष ने इलाके का निरीक्षण करने के साथ प्रभावितों से बातचीत की जिसमें सच्चाई सामने आई। कोरबा में विश्व हिंदू परिषद ने मुर्शिदाबाद कांड को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शव यात्रा निकाली और नेताजी सुभाष चौराहे पर पुतला दहन किया।
प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच से संबंधित कार्यकर्ता शामिल हुए। वे अपने साथ प्रतीकात्मक शव लेकर चल रहे थे। रास्ते भर पूरे मामले को लेकर नारेबाजी की गई। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस के कर्मी भी साथ में चल रहे थे। शाम 6 बजे नेताजी सुभाष चौराहा पहुंचकर यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद पुतला जलाया गया। इससे पहले संगठन के पदाधिकारी ने मामले को लेकर बात रखी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की तुष्टिकरण की नीति को लेकर जमकर हल्ला बोला। प्रदर्शन के साथ घोषणा की गई कि अगर ऐसे हालात नहीं थमे तो देश भर के हिंदू समुदाय को अपने स्तर पर मोर्चा खोलना पड़ेगा।
राष्ट्रपति शासन की जरूरत
पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार के हालात निर्मित हो रहे हैं, उससे राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता प्रतीत हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता राजू सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तुष्टिकरण के चक्कर में जो चश्मा पहन रखा है उसमें उन्हें वास्तविकता नजर नहीं आ रही है। मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद मुख्यमंत्री के द्वारा शांति की अपील कुल मिलाकर ढकोसला है।
इतिहास माफ नहीं करेगा
हिंदू संगठन के प्रतिनिधि राज नारायण गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में हाल के प्रदर्शन और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी को लेकर कहा की इतिहास कभी भी उन्हें माफ नहीं करेगा। लोगों की नजर में बनर्जी की पहचान एक ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित हो चुकी है जो वोट बैंक के चक्कर में हिंदुओं के हितों के बारे में ना तो सुनना पसंद कर रही हैं और ना ही देखना। उनकी हरकतें घोर आपत्तिजनक है और उन पर कार्रवाई होना चाहिए।
