मदनपुर घाट में ट्रेलरों की टक्कर से घंटों फंसी एंबुलेंस, एनएचएआइ ने लापरवाह एजेंसी पर लगाया 10 लाख का जुर्माना

कोरबा, 16 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के मदनपुर घाट में ट्रेलर दुर्घटना के बाद घंटों तक यातायात बाधित रहने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई की है। राहत कार्य में लापरवाही पर एनएचएआइ ने आपरेशन एंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही मेसर्स रविंद्र पर 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। वहीं, समय पर सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने प्राधिकरण के विरुद्ध कटघोरा न्यायालय में परिवाद दायर किया है।?
घटना 12 अक्टूबर की सुबह करीब ढाई बजे की है। विजय सिंह राजपूत, एसडीओपी (अनुविभागी अधिकारी पुलिस) कटघोरा ने बताया कि मदनपुर घाट में कटघोरा की ओर आ रहा ट्रेलर क्रमांक सीजी 10 बीएस 5980 खराब होने के कारण सड़क पर खड़ा था। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर जा रहा ट्रेलर क्रमांक सीजी 10 बीएस 9436 उससे टकरा गया। पुलिस ने दूसरे ट्रेलर के चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है।
दुर्घटना के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। एनएचएआइ की जांच में सामने आया कि राहत कार्य के दौरान संबंधित एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौके पर मौजूद नहीं था। क्रेन आपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में देरी हुई।
1033 हेल्पलाइन पर बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। इन कमियों को घटना प्रबंधन और हाईवे पेट्रोलिंग के निर्धारित मानकों का उल्लंघन मानते हुए प्राधिकरण ने मेसर्स रविंद्र पर आर्थिक दंड लगाया।
मार्ग बाधित होने से यात्री बसों के अलावा एंबुलेंस से उपचार के लिए जा रहे बीमार व्यक्ति भी प्रभावित हुए। ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए निकले यात्रियों, महिलाओं तथा बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। थाना बांगो और चौकी मोरगा की पुलिस ने हाईवे पेट्रोलिंग तथा डायल 112 की मदद से यातायात बहाल करने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि एनएचएआइ के अधिकारियों को फोन से सूचना देकर सहायता मांगी गई, लेकिन समय पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
पुलिस ने आपात स्थिति में सहयोग नहीं करने और लोक सेवक के कर्तव्य के निर्वहन में लोप का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 222(ए) के तहत कटघोरा न्यायालय में परिवाद दायर किया है। पुलिस ने कहा है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में सहयोग नहीं करने वाली अन्य एजेंसियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। परिवाद पर न्यायालय का निर्णय होना शेष है।
