बिहार में बाढ़ का बड़ा संकट, सात जिलों में पौने तीन लाख लोग घिरे, राहत पहुंचाने के लिए सीएम ने मांगी वायुसेना से मदद

पटना, 02 अक्टूबर । बिहार के सात जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सुपौल में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। आपके दिए आंकड़े के अनुसार करीब पौने तीन लाख लोग बाढ़ के बीच घिरे हुए हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में सडक़ संपर्क बाधित होने से राहत एवं बचाव कार्यों के सामने चुनौती बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जिन क्षेत्रों में सडक़ मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां हवाई माध्यम से मदद पहुंचाने की तैयारी है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना से सहयोग मांगा है। हाल में मुख्यमंत्री ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। सरकार का फोकस बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने पर है।निचले और जलमग्न इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पडऩे पर तत्काल बचाव अभियान चलाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने पर जोर दिया गया है। हालिया निरीक्षण के दौरान भी राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई और बचाव व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। सडक़ संपर्क से कटे इलाकों में हवाई माध्यम से राहत पहुंचाने की तैयारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। स्थिति के अनुसार हवाई राहत अभियान का दायरा बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की है। सात जिलों में जलस्तर और संपर्क व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।ऐसे में वायुसेना से मांगी गई मदद बाढ़ प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है।

Spread the word