भेड़-घोड़े चराने को लेकर विवादः लाठी और तीर से हमला, 3 लोग घायल

कोरबा 16 सितंबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिल के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज के साल्हिभाठा गांव में मवेशी चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हो गया। विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर से हुई हिंसा में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चरवाहों के लाठी से किए हमले में दो ग्रामीण घायल हुए, जबकि जवाबी कार्रवाई में एक ग्रामीण द्वारा चलाया गया तीर एक चरवाहे की कमर में जा लगा।

जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिले से लगभग आधा दर्जन चरवाहे साल्हिभाठा क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके साथ 650 से अधिक भेड़, बकरी और घोड़े बताए जा रहे हैं। चरवाहे शुरुआत में करीब दो दिन जंगल में रुके और इसके बाद गांव के बाहर तंबू लगाकर रहने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि चरवाहों के मवेशी पिछले कुछ दिनों से आसपास के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और चरवाहों के बीच विवाद की स्थिति बनी।

मंगलवार सुबह ग्रामीण गंगादीन मरकाम (52) ने अपने खेत में मवेशियों के घुसने पर आपत्ति जताई। इसी दौरान उनकी चरवाहों से बहस हो गई। सुबह करीब 9 बजे गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में दोनों का सामना फिर चरवाहों से हो गया और विवाद बढ़ गया। विवाद बढ़ने पर चरवाहों ने गंगादीन और अर्जुन पर लाठियों से हमला कर दिया। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण की कमर और दूसरे के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा में जारी है।

मारपीट के दौरान घायल गंगादीन ने कथित तौर पर धनुष से तीर चला दिया। तीर कबीरधाम जिले के भानपुर गांव निवासी चरवाहे लीलाधर की कमर में जा लगा। घायल लीलाधर को उपचार के लिए कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) में भर्ती कराया गया है।

वन विभाग के अनुसार, जंगल में भेड़ चराने पर रोक है। विभाग का कहना है कि भेड़ों की चराई से पौधों को जड़ से नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद क्षेत्र में चराई किए जाने की शिकायत सामने आई थी। घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र डोंडे के निर्देश पर वन विभाग ने अवैध चराई का मामला दर्ज किया है। चरवाहों को नोटिस भी जारी किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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