September 10, 2026
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सतरेगा के रिसॉर्ट में निकला किंग कोबरा, पर्यटकों और कर्मचारियों में मचा हडकंप

कोरबा 10 सितंबर। कोरबा के सतरेगा पर्यटन स्थल से एक बेहद रोमांचक तस्वीर सामने आई है। यहां रिसॉर्ट के इलेक्ट्रिक सर्किट बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपकर बैठा था। सांप को देखते ही पर्यटकों और कर्मचारियों में हडकंप मच गया। सूचना मिलते ही स्नेक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। मामला कोरबा के प्रसिद्ध सतरेगा पिकनिक स्पॉट का है। सुबह रिसॉर्ट के विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे कर्मचारियों की नजर एक विशाल सांप पर पड़ी। गौर से देखा गया तो वहां करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था।

रिसॉर्ट मैनेजर इस्तिखार खान ने तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ सतरेगा पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। रेस्क्यू शुरू करने से पहले विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई गई, ताकि रेस्क्यू टीम के साथ किसी तरह का हादसा न हो। इसके बाद बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में फंसा हुआ था, जिसके चलते उसे बाहर निकालना टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।करीब एक घंटे तक चले खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जितेंद्र सारथी और उनकी टीम ने 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

किंग कोबरा के रेस्क्यू की खबर फैलते ही मौके पर पर्यटकों की भीड़ जुट गई। लोग इस विशाल और फुर्तीले सांप को देखने के लिए मोबाइल में वीडियो बनाते नजर आए। हालांकि, रेस्क्यू टीम ने लोगों को सांप से सुरक्षित दूरी पर रखा। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की प्रक्रिया और पंचनामा पूरा किया गया, जिसके बाद किंग कोबरा को उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। कोरबा के लेमरू, बालको, पसरखेत, करतला और कुदमुरा के वन क्षेत्रों में हाल के समय में छोटे आकार के किंग कोबरा भी सामने आए हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार किंग कोबरा का मिलना क्षेत्र में अनुकूल प्राकृतिक आवास और संभावित प्रजनन की ओर संकेत कर सकता है, हालांकि इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब लोगों में भी वन्यजीवों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय लोग वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दे रहे हैं।