कही-सुनी (23 AUG-26) : रवि भोई
छत्तीसगढ़ के मंत्रियों के विभाग बदलेंगे
चर्चा है कि अगले महीने छत्तीसगढ़ के मंत्रियों के विभागों में हेरफेर हो सकता है। माना जा रहा है कि बीजेपी की राष्ट्रीय टीम बनने के बाद अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा है। हल्ला है कि अधिकांश मंत्रियों के विभागों में हेरफेर होगा। सुनने में आ रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वित्त विभाग अपने पास रख सकते हैं। उच्च और स्कूल शिक्षा मंत्री भी बदले जा सकते हैं। खबर उड़ रही है कि प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अस्वस्थता को देखते हुए किसी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अब देखते हैं किसी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाते हैं या फिर पूर्णकालिक अध्यक्ष। वैसे आगामी विधानसभा चुनाव में साहू मतदाताओं को साधने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात भी चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष का फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 
‘फोर एस’ का नंबर नहीं लगा संगठन में
चर्चा है कि सौरभ सिंह, सुशांत शुक्ला, संजय श्रीवास्तव और सरोज पांडे नितिन नवीन की टीम का हिस्सा बनने के लिए प्रयासरत थे, पर इनका नंबर नहीं लग पाया। रूपकुमारी चौधरी और दीपक म्हस्के बाजी मार ले गए। महासमुंद की भाजपा सांसद रूपकुमारी चौधरी को राष्ट्रीय महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। इस पद पर भाजपा की नेता और पूर्व सांसद सरोज पांडे रह चुकी हैं। बताते हैं नितिन नवीन की टीम में सरोज पांडे महासचिव बनने की इच्छुक थीं। सरोज पांडे पहले राष्ट्रीय महासचिव रह चुकी हैं और उनके पास महाराष्ट्र जैसे राज्य का प्रभार भी रहा। इस बार महिला कोटे से स्मृति ईरानी महासचिव बनी हैं। रूपकुमारी चौधरी छत्तीसगढ़ की तीसरी महिला नेता हैं, जो बीजेपी राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनी हैं। सरोज पांडे के अलावा भाजपा की नेता के तौर पर करुणा शुक्ला भी 2004 से 2007 तक बीजेपी राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष थीं। सौरभ सिंह और सुशांत शुक्ला को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का काफी करीबी माना जाता है। विधायक सुशांत शुक्ला ने करीब एक दशक तक युवा मोर्चा में नितिन नवीन के साथ काम किया है। खनिज निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी नितिन नवीन के साथ काम किए हैं। सुनने में आ रहा है कि सौरभ सिंह संगठन में आते-आते रह गए। माना जा रहा है कि कांग्रेस और बसपा में रहना उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ। वैसे हाईकमान ने आमआदमी पार्टी से आए राज्यसभा सांसद डॉ संदीप पाठक को संगठन में मंत्री बनाया है। डॉ पाठक दिल्ली के कोटे से भाजपा संगठन में लिए गए हैं, वे मूलतः छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
भुवनेश यादव के क्षमता का उपयोग
2006 बैच के आईएएस भुवनेश यादव को ट्राइबल सेक्रेटरी बनाकर सरकार ने उनकी क्षमता का अब उपयोग किया है। भुवनेश यादव की गिनती तेजी से काम निपटाने वाले अफसरों में होती है। एक समय में भुवनेश यादव के पास उद्योग, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी एक साथ संभाल चुके हैं। वे एक साथ मंडी बोर्ड के एमडी, बीज निगम के एमडी और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का दायित्व भी संभाल चुके हैं। स्वास्थ्य महकमे में भी दोहरे दायित्वों में रहे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्हें छोटे या एक दो विभागों में सीमित कर दिया गया था। अब सरकार ने उनकी क्षमताओं और अनुभव का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक विभाग का दायित्व दिया है। यह विभाग वे पंजीयन और योजना -आर्थिक सांख्यिकीय के साथ देखेंगे। सरकार ने प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को नगरीय प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी देकर इस बार उसे भी तवज्जो दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग की कमान सोनमणि बोरा को सौंपी गई है। 1999 बैच के आईएएस सोनमणि बोरा प्रमुख सचिव हैं।
अब निकलेगी सीएफ की लिस्ट
सुनने में आ रहा है कि डीएफओ के बाद अब वन संरक्षकों की तबादला सूची आने वाली है। आईएफएस अरुण पांडे के प्रधान वन संरक्षक बनने के बाद डीएफओ की पहली लिस्ट निकली। इस लिस्ट में राज्य के 33 जिलों में से अधिकांश जिलों के डीएफओ बदल दिए गए। बताते हैं कि पीसीसीएफ की पसंद पर अधिकांश डीएफओ की पोस्टिंग की गई है। अब वन संरक्षकों की तबादला सूची आने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि अगले हफ्ते तक सीएफ की ट्रांसफर लिस्ट आ जाएगी। इसकी कवायद चल रही है। हल्ला है कि डीएफओ की तरह सीएफ में भी व्यापक फेरबदल होगा।
बड़े जिलों के कलेक्टर अप्रभावित
सरकार ने पिछले दिनों छह जिलों के कलेक्टर बदले, पर बड़े जिले के कलेक्टर यथावत रखे। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और दुर्ग जैसे जिलों को नहीं छुआ गया। माना जा रहा है कि इन जिलों में अब कलेक्टरों की पोस्टिंग आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा , तब तक वहां पदस्थ कलेक्टर चलते रहेंगे। 2016 बैच के पदोन्नत आईएएस भगवान सिंह उइके को रिटायरमेंट के कुछ महीने पहले ही गरियाबंद के कलेक्टर पद से हटा दिया गया। भगवान सिंह उइके इसी साल दिसंबर में रिटायर होने वाले हैं। गरियाबंद का कलेक्टर बनाकर रणबीर शर्मा को भेजा गया है।
खैरागढ़ और कलेक्टरी
भूपेश बघेल के राज में खैरागढ़ को जिला बनाया गया। चर्चा है कि इस जिले में कलेक्टरी करने वाले अफसर वहां से हटने के बाद दूसरे जिलों में नहीं जा पा रहे हैं। उनका पहला या दूसरा जिला ही बनकर रह जा रहा है। मंत्रालय या संचालनालय में भी अच्छी पोस्टिंग नहीं मिल पा रही है। इस जिले में कलेक्टर रहे एक आईएएस अफसर नए जिले में कलेक्टर बनने के लिए एक मंत्री के करीबी एक कारोबारी से संपर्क किया, पर बात बनने की जगह और बिगड़ गई। इंचार्ज की जगह मातहत बन गए।
रामगोपाल का कांग्रेस में दबदबा
चावल, शराब, कोल समेत कई स्कैम के आरोप में जेल में बंद कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल का अब भी पार्टी में जबर्दस्त दबदबा बताया जाता है। वर्षों तक प्रदेश कांग्रेस के कोष को संभालने वाले रामगोपाल अग्रवाल के लिए पिछले दिनों कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। बताते हैं दिल्ली के एक बड़े कांग्रेसी के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे। रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट में पेशी पर लाया गया,तो उनसे मुलाक़ात करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी थे। इसके अलावा कई कांग्रेसियों ने उनसे भेंट की।
(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

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