’मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जिले में बनाई गई 336 आजीविका डबरियों से बढ़ेगा फसल उत्पादन’

’मत्स्य पालन से किसानों की बढ़ेगी आय’
’3.36 लाख घनमीटर वर्षा जल का हुआ संचयन, सिंचाई सुविधा हुई सुदृढ़’
कोरबा 22 जुलाई। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्मित 336 आजीविका डबरियां ग्रामीणों के लिए रोजगार के साथ-साथ कृषि और आजीविका संवर्धन का मजबूत आधार बन रही हैं। इन डबरियों में वर्षा जल के भराव से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे खरीफ एवं रबी दोनों मौसम की फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में निर्मित सभी आजीविका डबरियां पूर्ण होकर वर्षा जल से लबालब भर चुकी हैं। प्रत्येक डबरी में लगभग 1,000 घनमीटर जल संचयन क्षमता है। इस प्रकार जिले में कुल 3 लाख 36 हजार घनमीटर वर्षा जल का संचयन डबरियों में हुआ है, जिससे भू-जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।
आजीविका डबरियों के निर्माण से कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ ही किसानों के लिए आय के नए अवसर भी मिले हैं। किसान इन डबरियों में मत्स्य पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित करेंगे। वहीं डबरियों की मेड़ों पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती कर कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका और अधिक मजबूत होगी।
गांवों में बनाई गई आजीविका डबरियां जिले में जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार, कृषि उत्पादन वृद्धि तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही हैं।
