हिंदुस्तान जिंक के अगले चरण की वृद्धि में प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका होगी: चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर

नई दिल्ली, एजेंसी। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने सोमवार को कहा कि कंपनी की वृद्धि के अगले चरण में प्रौद्योगिकी की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने कहा कि उत्पादकता, सटीकता और सुरक्षा में सुधार के लिए स्वचालन, कृत्रिम मेधा (एआई), उन्नत विश्लेषण और आधुनिक खनन प्रणालियों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
कंपनी की 60वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए हेब्बर ने कहा, ”हमारा लक्ष्य एक भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा बदलाव वाली कंपनी बनना है, जो कई धातुओं और महत्वपूर्ण खनिजों में अपनी ताकत का विस्तार करे, जो भारत की औद्योगिक वृद्धि को गति दे सके और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए।” चेयरपर्सन के अनुसार, कंपनी वैश्विक ऊर्जा बदलाव के अगले चरण के लिए स्वयं को तैयार कर रही है। इसके तहत वह जस्ते के दायरे से आगे बढ़कर महत्वपूर्ण खनिजों, डाउनस्ट्रीम विनिर्माण और प्रौद्योगिकी-आधारित खनन के क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
हेब्बर ने कहा कि बदलती भू-राजनीति, एआई, विकसित होती वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा परिवर्तन प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र को मौलिक रूप से नया आकार दे रहे हैं। ऐसे में उन कंपनियों का रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है जो जिम्मेदारी से, विश्वसनीय तरीके से और बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति कर सकती हैं। ऊर्जा बदलाव से जुड़े खनिजों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को पारंपरिक वाहन की तुलना में छह गुना अधिक खनिजों की आवश्यकता होती है, जबकि ऊर्जा परिवर्तन खनिजों का वैश्विक बाजार 2040 तक दोगुने से अधिक होकर 770 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ”भारत के लिए यह क्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और विनिर्माण का विस्तार हो रहा है, महत्वपूर्ण संसाधनों को सुरक्षित करना एक रणनीतिक प्राथमिकता बनता जा रहा है।”
