नेत्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल को मिली परिचालन मंजूरी, भारतीय वायुसेना होगी तैनाती

बेगलूरु/ नईदिल्ली। स्वदेशी हवाई चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली नेत्रा एयरबोर्न अली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यू एंड सी) को गुरुवार को अंतिम परिचालन मंजूरी मिल गई। इसे अक्टूबर 2017 में प्रारंभिक परिचालन मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना में इस अत्याधुनिक प्रणाली की तैनाती का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह घोषणा बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (सीएबीएस) में आयोजित एक समारोह के दौरान वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने की।
नेत्रा पहला स्वदेशी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल प्लेटफॉर्म है। यह प्रणाली ब्राजील निर्मित एम्ब्रेयर ईएमबी-145 विमान पर स्थापित है और इसमें अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर हवा में उड़ रहे दुश्मन के विमानों, समुद्र में मौजूद जहाजों और शत्रु के इलेक्ट्रॉनिक संकेतों का दूर से ही पता लगाने में सक्षम हैं। यह युद्ध के दौरान कमांडरों को वास्तविक समय में सूचनाएं उपलब्ध कराती है और लड़ाकू विमानों के नियंत्रण में भी सहायता करती है। नेत्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी।
‘यह अहम उपलब्धि’
एयर मार्शल भारती ने स्वदेशी हवाई चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली नेत्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल को देश के रक्षा क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा यह भारतीय वायुसेना और वैज्ञानिक समुदाय के बीच वर्षों से चली आ रही साझेदारी की सफलता का प्रतीक भी है। वीडियो संदेश के माध्यम से चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि तेजी से बदल रहे वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में नेत्रा प्रणाली का पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
