मध्यपूर्व में शांति में इस्रायल की ‘अड़ी’ @ डॉ. सुधीर सक्सेना

जुम्मे पर बुर्गेनस्टाक में ‘हस्ताक्षर समारोह’ रद्द
• डॉ. सुधीर सक्सेना
पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के दरम्यां ‘पीस-डील’ में इस्रायल ने अड़ी लगा दी है। अर्से से बंद होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से 18 जून को उससे होकर पच्चीस कारोबारी जलपोत गुजरे, अलबत्ता दक्षिण लेबनान में नबातियेह में मध्य रात्रि से लेकर जुम्मे की सुबह तक भयंकर इस्रायली बमबारी से दस गांवों में तबाही मच गयी। 18 लोग मारे गये और 33 घायल। इस्रायली कर्नल डोर गडालिया बेन सिम्हान समेत चार इस्रायली फौजी हलाक हुये। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस्रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन कर उन्हें ‘क्रेजी’ कहा तो फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने बीबी से समझौते का सम्मान करने को कहा। बहरहाल, घटनाक्रम का नतीजा यह हुआ कि स्विटजरलैंड में सुरम्य लारेंस लेक पर स्थित बुर्गेन स्टाक रिजार्ट में जुम्मे के रोज प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह रद्द कर दिया गया। पाक विदेश मंत्री इशाक डार ने जहां इसकी पुष्टि की और पाक-पीएम शहबाज शरीफ ने अपना स्विस दौरा स्थगित कर दिया, वही पीएम के प्रवक्ता मुशर्रफ ज़ैदी ने कहा कि ट्रंप और पेजेश्कियान के डिजिटल-दस्तखत के बाद हस्ताक्षर समारोह की जरूरत नहीं थी।
मध्यपूर्व में साढ़े तीन माह की जंग के बाद ईरान और अमेरिका में सुलह को लेकर इस्रायल में गजब का गुस्सा है। बीवी समेत इस्रायली नेताओं के क्रोध का बड़ा कारण है कि इस सुलह में इस्रायल पक्षकार नहीं है। बीबी इसे ‘बैड डील’ मानते हुये स्वतंत्री सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कहते हैं, वहीं विपक्षी नेता बेन ग्वीर डील को ‘डिजास्टर (आपदा) करार देते हैं। इस्रायली नेता समझौते को अंतरिम मानते हैं, जिसमें युद्ध विराम, होर्मुज में नौवहन और ईरानी न्यूक्लियर प्रोग्राम की तो बात है, किंतु इस्रायल की सुरक्षा का कोई जिक्र नहीं। इसी के तहत बीबी गाजा, लेबनान और सीरिया में आईडीएफ मिशन जारी रखने और ईरानी न्यूक्लिअर प्रोग्राम के महिनों पिछड़ जाने के बावजूद ‘नो न्यूक्लिअर वेपन’ नीति जारी रखने की बात कर रहे हैं।
इसमें शक नहीं है कि इस्रायल का रवैया और सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प ईरान-अमेरिकी सुलह में सबसे बड़ा रोड़ा है और सबकी दिलचस्पी यह देखने में है कि ट्रंप किस तरह से बीबी को अंकुश में रखते हैं? इस्रायली अवाम को 14 सूत्री इस्लामावादी सुलहनामा रास नहीं आ रहा है। जनमत की बात करें तो 52 फीसद इस्रायली बीबी के रवैये को इस्रायली हितों के प्रतिकूल मानते हैं। 24 फीसद पक्ष में हैं, तो 24 फीसद संशय में। उधर ईरानी नेता गलीबफ संधि के उल्लंघन पर करारा तमाचा जड़ने की बात करते हैं। बहरहाल पाक, तुर्किये, सऊदी अरब और कतर के राजनयिक मिस्र में अलामीन में मिलने की तैयारी में है। स्थायी शांति में कतर की भूमिका बढ़ गई और उसकी सराहना इटली की मेलोनी ने मुक्तकंठ से की है।
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