‘इंडिया फर्स्ट’ और ‘अमरीका फर्स्ट’ कूटनीति का कड़ा संतुलन दिखा

नई दिल्ली. अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के चार दिवसीय भारत दौरे के दौरान हैदराबाद हाउस में हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक में ‘इंडिया फर्स्ट’ और ‘अमरीका फर्स्ट’ कूटनीति का कड़ा संतुलन देखने को मिला। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दोटूक अंदाज में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति अगर ‘अमरीका फर्स्ट’ है, तो हमारा नजरिया भी ‘इंडिया फर्स्ट’ है।’ भारत ने अमरीका की नई सख्त वीजा नीति पर खुलकर चिंता जताई, वहीं रणनीतिक मोर्चे पर दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त व्यापार को लेकर गहरी सहमति जताई।

रूबियो ने भारत को अमरीका का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक रणनीतिक साझेदार देशों में एक बताते हुए दिल्ली में दूतावास की नई शाखा के उद्घाटन पर ‘अमरीका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल लाने की घोषणा की। हालांकि, जयशंकर ने साफ किया कि अवैध प्रवासन को रोकने के अमरीकी प्रयासों का असर वैध रूप से यात्रा करने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों, छात्रों और व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

भारतीयों के लिए ‘अमरीका फर्स्ट’ वीजा

नए सिस्टम के तहत अमरीकी आर्थिक और रणनीतिक हितों को मजबूत करने वाले भारतीय बिजनेस पेशेवरों और निवेशकों के वीजा आवेदनों को ‘फास्ट-ट्रैक’ (तेजी से) संसाधित किया जाएगा। दूसरी ओर अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, दिल्ली में नए कन्सुलर विंग के जरिए आवेदकों की ‘कड़ी जांच और स्क्रीनिंग’ होगी। अमरीका अब हर वीजा फैसले को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।

आतंकवाद पर प्रहार व ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ नीति

जयशंकर ने 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित किए जाने की सराहना की। जयशंकर ने कहा, हमारे संबंध अमरीका, इजराइल, ईरान और खाड़ी देशों के साथ रूस और यूक्रेन दोनों से बेहद मजबूत हैं।

रूस से तेल खरीद जारी रहेगी: भारत

रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों के बीच भारत ने साफ किया कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को बाजार की ताकतों पर ही छोड़ दें। भारत की नीति इंडिया फर्स्ट की है और भारत इसके अनुकूल रूस समेत विविध स्रोतों से तेल-गैस लेगा।

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