अतिक्रमण को लेकर नोटिसः सरकारी फंड से बना सामुदायिक भवन, क्या चलेगा बुलडोजर ?

कोरबा 24 अपै्रल। नगर पालिका परिषद दीपिका द्वारा यहां के एक इलाके में अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी करने के मामले ने तूल पकड़ा हुआ है। इसी इलाके में सरकारी फंड से बना हुआ एक सामुदायिक भवन भी स्थित है। सवाल यह है कि इसका निर्माण कैसे हुआ और क्या यह कार्रवाई का शिकार होगा।
नगर पालिका परिषद की ओर से हाल में ही एक पत्र पर संज्ञान लेने के साथ भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं सहित लोगों को नोटिस जारी किए गए। कहा गया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने के साथ इन लोगों ने निर्माण किया है और लंबे समय से काबिज है। दूसरे क्षेत्र में कमजोर लोगों पर कार्रवाई का डंडा चलने के बाद यह मामला स्वाभाविक रूप से गर्म हुआ और नगर पालिका को संबंधित व्यक्तियों को नोटिस देने पड़े।
सुत्रों के अनुसार इसी इलाके में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान सरकारी फंड का इस्तेमाल करते हुए जनता के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया। भले ही इस भवन का उपयोग लोगों की ओर से किया जा रहा है लेकिन यह है तो अतिक्रमण के क्षेत्र में। सवाल उठ रहे है कि जब दूसरे निर्माण अतिक्रमण माना जा सकता है तो इस भवन को किस श्रेणी में रखा जाएगा। लोगों के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर अतिक्रमण के मानक क्या है और इनमें किस आधार पर कार्रवाई की जाती है। नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी करने के बाद फिलहाल किसी प्रकार की हलचल नहीं हुई है लेकिन लोगों ने अपने स्तर पर जोड़-तोड़ जारी रखी है। लोगों की रुचि इस बात को लेकर है कि प्रशासन के उच्च अधिकारी अतिक्रमण के मामले में क्या कुछ कदम बढ़ाने वाले हैं
