एनएच-130 में तान पुल के पास आपस में भिड़े दो ट्रेलर

कोरबा 18 अप्रैल। एनएच-130 हादसों से उबरने का नाम नहीं ले रहा है। हर स्तर पर जागरूकता और उन्नमूलन संबंधी प्रयास करने के बाद भी दुर्घटनाओं का क्रम बना हुआ है। पिछली रात तान नदी पुल के आगे दो ट्रेलर की आपस में टक्कर हो गई। एक चालक इस घटना में जख्मी हो गया। सूत्रों के अनुसार कुछ घंटे बाद इस प्वाइंट से कुछ दूरी पर एक मालवाहक और कार की भिड़ंत हो गई। इसके नतीजन कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
बांगो पुलिस ने इस दुर्घटना पर शुरुआती जांच-पड़ताल के साथ कार्यवाही की। बताया गया कि रात के 2.30 बजे के लगभग गुरसिया क्षेत्र में एनएच-130 पर तान नदी पुल के पास यह घटना हुई। दो ट्रेलर अलग-अलग दिशा से आवाजाही कर रहे थे। यहां पहुंचने पर उनके बीच करारी भिड़ंत हो गई। इस घटना में झारखंड के गढ़वा जिले का निवासी शेर खान पिता रियाज अली जख्मी हो गया। दुर्घटना के कारण हाईवे पर आवाजाही बाधित हुई। खबर होने पर हाईवे पेट्रोलिंग और बांगो पुलिस ने संज्ञान लिया। पीडि़त को सीएचसी पोड़ी उपरोड़ा पहुंचाया गया जहां पर उसका उपचार जारी है। पूछताछ में जानकारी मिली कि एक चालक को नींद का झोंका आने के कारण गाडियां भिड़ी।
हाईवे पर इस दुर्घटना के कुछ घंटे बाद फिर एक और हादसा हुआ। यहां से कुछ दूर आगे एक मालवाहक ने कार को टक्कर मार दी जो दूसरी दिशा से आ रही थी। कार में चालक सहित चार लोग सवार थे। देवयोग से मालवाहक और कार में मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन चारपहिया गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के नतीजन हाईवे का बड़ा हिस्सा आवागमन के लिए सहज नहीं रह गया। ऐसे में अंबिकापुर और कोरबा की दिशा से आने वाली गाडियों की रफ्तार पर स्वाभाविक रूप से ब्रेक लगा। संबंधित एक्सीडेंटल जोन में वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं ताकि संपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन होने तक और कोई दुर्घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए। बांगो टीआई दुर्गेश वर्मा ने बताया कि इस हादसे में मालवाहक चालकों के विरूद्ध बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज करने के साथ अगली कार्यवाही की जाएगी।
जिला प्रशासन के द्वारा शेड्यूल के अंतर्गत सडक सुरक्षा समिति की जिला स्तरीय बैठक लेने के साथ इसमें दुर्घटनाओं की रोकथाम करने से लेकर अन्य उपायों पर मंथन होता रहा है। कलेक्टर से लेकर डीटीओ, ट्रैफिक और हाईवे के अधिकारियों की उपस्थिति में बैठकों में निर्णय भी लिए जाते हैं, लेकिन नतीजे शून्य हैं।
रोड एक्सीडेंट के लिए कुख्यात बन चुके एनएच-130 में अधिकारियों ने अध्ययन करने के साथ ब्लैक स्पॉट की खोजबीन की। इसका निपटारा भी किया गया। उम्मीद थी कि ऐसा होने से हादसों में कमी आएगी। यह भी सही है कि अब पुराने प्वाइंट पर हादसे नहीं हो रहे हैं बल्कि इन्होंने नई जगह खोज ली है। इससे निपटने अब अतिरिक्त चुनौती है।
