आश्वासन के बाद भी एसईसीएल परियोजना में प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध नहीं

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने केंद्रीय कोयला मंत्री को ज्ञापन सौंपकर लगाया आरोप
कोरबा 27 फरवरी। जिले में भू-विस्थापित और बेरोजगार परिवारों का मुद्दा फिर से गरमाने लगा है। भू-विस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संतोष पटेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि साउथ ईस्टर्न कोलफीर्ल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका, गेवरा और कुसमुंडा परियोजनाओं में प्रभावित परिवारों को अब तक वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 10 नवंबर 2024 को दीपका परियोजना में कार्यबंदी के दौरान जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। संघ का आरोप है कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। साथ ही ठेका कंपनियों द्वारा मजदूरी भुगतान और रेट निर्धारण में अनियमितता के आरोप भी लगाए गए हैं।
संघ के अनुसार लगभग 30 से 40 गांव परियोजनाओं से प्रभावित हैं। जमीन अधिग्रहण के समय स्थायी रोजगार का भरोसा दिया गया था, लेकिन कई परिवार आज आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
ज्ञापन में प्रभावित परिवारों को तत्काल रोजगार, त्रिपक्षीय समझौते का पालन, ठेका कंपनियों की जांच और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। संतोष पटेल ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। अब निर्णय पर सबकी नजर है।
