जनजातीय गौरव पखवाड़ा के अंतर्गत जनजातीय योगदान पर सेमीनार आयोजित

कोरबा 10 नवम्बर। कोरबा जिले में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा, कोरबा में जनजातीय गौरव पखवाड़ा के अंतर्गत जनजातीय योगदान पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व के प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ के संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष मोहन सिंह प्रधान मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

अपने सारगर्भित उद्बोधन में श्री प्रधान ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी संस्कृति, परंपरा और संरक्षण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मूल जड़ों, मातृभाषा और पारंपरिक ज्ञान को सहेजने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और संस्कृति का संतुलन ही सच्चे विकास की दिशा में सबसे मजबूत कदम है। कार्यक्रम में छात्राओं ने जनजातीय परंपरा से जुड़ी ‘हल्बी गीत’ की मधुर प्रस्तुति दी, साथ ही भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित एक प्रभावशाली लघु नाटिका का मंचन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के व्याख्याता जयपाल सिंह कंवर एवं रेणुका लदेर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह ने मुख्य अतिथि एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को जनजातीय गौरव पखवाड़ा के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

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