कटोही नाला उफनायाः गाडियों को कंधों का सहारा, बच्चों का स्कूल, आंगनबाड़ी जाना हुआ बंद

कोरबा 05 सितंबर। बारिश के सतत सिलसिले ने शहर से लेकर ग्रामीणों क्षेत्रों में समस्याओं को बढ़ा दिया है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में कटोही नाला के उफनाने से कई क्षेत्रों के कनेक्टिीविटी पर असर पड़ा। एक छोर से दूसरे छोर व आसपास तक जाने के रास्ते बंद हो गए। पानी उतरने पर गाडियों को लोगों के कंधों पर सवारी करानी पड़ी।

लगातार हो रही बारिश की वजह से जटगा क्षेत्र का कटोही नाला पानी को बर्दाश्त नहीं कर सका। बड़ी मात्रा में बरसाती पानी आने से वह ओवरफ्लो हो गया। कई घंटे इसमें उफान की स्थिति रही। ग्राम पंचायत पचरा के आश्रित ग्राम अमाओहा में इस वजह से हालात विकट हो गए। बताया गया कि कटोही नाला जटगा से अमाओहा को जोड़ता है। मौजूदा स्थिति में यहां कई घंटे लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ा। भारी बारिश होने से जहां जनजीवन ठप हो गया वहीं अगली चुनौती नाला के उफनाने से पैदा हो गई। सडक संपर्क इस कारण से बाधित हुआ। जन सामान्य के साथ मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने में लोगों के पसीने छूट गए। काफी इंतजार करने के बाद जब बारिश थमी और नाला का जल स्तर कम हुआ तो भी जोखिम कम नहीं हुई। ऐसे में चार-पांच लोगों के सहारे से दोपहिया गाडियों को एक किनारे से दूसरे किनारे ले जाने का काम हो सका, तब कहीं जाकर उनकी उपयोगिता साबित हो सकी। अमाओहा में लगभग 400 सौ से ज्यादा की जनसंख्या है। वहां एक आंगनवाड़ी प्राथमिक और मिडिल स्कूल संचालित हैं। जितने भी हाइ स्कूल में पढने वाले बच्चे जटगा जाते है और बरसात के दिनों बच्चें ही नई बल्कि शिक्षक लोग का आना जाना मुश्किल हो गया है।

सूत्रों के अनुसार नाला में बनी समस्या से स्कूल और आंगनबाड़ी तक विद्यार्थियों की पहुंच मुश्किल भरी हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कटोही नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मांग काफी समय से हो रही है लेकिन इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि एक तरफ केंद्र सरकार ने कोरबा को आकांक्षी जिले में शामिल किया है और राज्य सरकार भी अपने हिसाब से कई योजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। इतना सबकुछ होने पर भी पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र अभी भी सुविधाओं के मामले में पहुंचविहीन बने हुए हैं।

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