बांध व बैराज से हसदेव में छोड़ा 84 हजार क्यूसेक पानी

कोरबा 05 सितंबर। बारिश की विदाई से ठीक पहले उसके तेवर आक्रामक है। कोरिया और कोरबा जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण जल संसाधन विभाग ने अब तक की स्थिति में मिनीमाता बांगो बांध के 8 व दर्री बैराज के 4 गेट खोल दिये है। यहां से कुल 84 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की रफ्तार से हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। दोपहर बाद इस मात्रा में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
न केवल कोरबा बल्कि पड़ोसी जिलों के लिए लाइफ लाइन कहीं जाने वाली हसदेव नदी का जलस्तर भादो के महीने में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। क्रमिक रूप से हो रही बारिश इसके लिए जिम्मेदार बताई जा रही हैं। तटवर्ती क्षेत्र के लिए पहले ही प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया था और लोगों को सावधान किया गया। इधर भारी बारिश से नदी पर बनाए गए मिनींमाता बांध और बैराज दबाव में है। गुरुवार से ही यहां गेट खोलने की नौबत आई और दूसरे दिन गेट की संख्या के साथ प्रवाहित जल की मात्रा में बढ़ोतरी करनी पड़ गई।
पानी की अत्यधिक प्रवाह को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 05.09.2025 की सुबह 5.00 बजे गेट संख्या 4,5,6,8 के अतिरिक्त गेट संख्या 03 एवं 09 को 0.50 दृ 0.50 मीटर खोला गया किन्तु इसके बाद भी बांध का जलस्तर 358.11 मीटर पर स्थिर है। अतरू जलस्तर को नियंत्रण कर कम करने हेतु सुबह 8.30 बजे दो नए गेट, गेट संख्या 02 और 07 को भी आवश्यकतानुसार ओपन किया गया है। अभी गेट संख्या 5- 1.50 मीटर, गेट संख्या 6- 1.50 मीटर, गेट संख्या 4-1.00 मीटर,गेट संख्या 8-1.00 मीटर, गेट संख्या 3- 0.50 मीटर ,गेट संख्या 9-0.50 मीटर,गेट संख्या 2- 0.50 मीटर और गेट संख्या 7- 0.50 मीटर खुला है। सभी गेटों से कुल 40,904 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और पॉवर प्लांट हाइड्रेल के द्वारा 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इस प्रकार बांध से कुल 49,904 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है।
दूसरी और कोरबा जिले के दर्री स्थित हसदेव बैराज के भी 4 गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से जानकारी दी गई की यहां के इन चार गेट को अलग-अलग स्तर पर खोला गया है और इनके जरिए 35000 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। विभाग के अधिकारी का कहना है कि बांगो बांध की तरफ से नदी में आ रहे पानी और बैराज की स्थिति के आधार पर अगले घंटे में निर्भर होगा कि जल स्तर को बनाए रखने के लिए आगे और पानी नदी में छोडना है या फिर इसे नियंत्रित करना है।
