छत्तीसगढ़ : चैतन्य बघेल को 5 दिन की ED रिमांड, बाप नंबरी तो बेटा है दस नंबरी: गृहमंत्री विजय शर्मा; यहां देखिये वीडियो न्यूज़

भूपेश बघेल और चरणदास महंत एक साथ पहुंचे कोर्ट
कांग्रेस नेताओं का कोर्ट में जमावड़ा, ED की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन
बाप नंबरी तो बेटा है दस नंबरी कह कर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एमरजेंसी की दिलाई याद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया। 18 जुलाई 2025 को सुबह भिलाई में उनके निवास पर छापेमारी के बाद ED ने चैतन्य को हिरासत में लिया और रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया।

विधानसभा से कोर्ट पहुंचे बघेल और महंत
भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एक ही गाड़ी में विधानसभा से कोर्ट पहुंचे। उनके साथ कई कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कोर्ट परिसर और ED कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर वॉकआउट किया।

ये प्रजातंत्र पर हमला, छत्तीसगढ़ की जनता एक जुट होगी : महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए ED और CBI जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। महंत ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होगी। उन्होंने भूपेश बघेल और उनके परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही और कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।
भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई उनके बेटे के जन्मदिन और विधानसभा में अडानी समूह से जुड़े मुद्दे उठाने के दिन की गई, जो बदले की भावना को दर्शाता है। ED कार्यालय और कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बाप नंबरी बेटा है दस नंबरी : शर्मा
छत्तीसगफ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने चैतन्य बघेल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ED एक केंद्रीय संस्था है और केवल वही इस मामले की पूरी जानकारी दे सकती है। उन्होंने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि बघेल जनता को भ्रमित नहीं कर सकते। शर्मा ने आरोप लगाया कि बघेल के शासनकाल में भ्रष्टाचार में नए-नए तरीके अपनाए गए, जिसके कारण यह कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा, “जिस तरह का भ्रष्टाचार किया गया है, भ्रष्टाचार में नवाचार किए गए हैं, इसलिए यह (ED का छापा) हो रहा है। इस पर ऐसे बोलकर वे किसी को भ्रम में नहीं डाल सकते।”
विजय शर्मा ने यह भी कहा कि भूपेश बघेल को 1975 की इमरजेंसी याद रखनी चाहिए, जिससे उनका इशारा कथित तौर पर कांग्रेस की पिछली कार्रवाइयों की ओर था।
इसके अतिरिक्त, शर्मा ने बघेल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ED की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है और यह केंद्रीय एजेंसी की स्वतंत्र प्रक्रिया का हिस्सा है। “बाप नंबरी, बेटा दस नंबरी” है। उन्होंने यह टिप्पणी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल पर निशाना साधते हुए की।
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी पर भड़के कांग्रेस कार्यकर्ता
आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया है। संयोग से आज ही चैतन्य का जन्मदिन भी है। बताया जा रहा है कि नए सबूत मिलने के बाद ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की थी। यह पिता-पुत्र का साझा आवास है।
बघेल के आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी और समर्थकों का जमावड़ा था। दोपहर में ईडी की टीम चैतन्य को अपने रायपुर साथ ले गई। कांग्रेस समर्थकों ने ईडी की टीम के सामने काफी नारेबाजी की और गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ईडी की गाड़ियों के लिए रास्ता बनाया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 10 मार्च को भी चैतन्य बघेल के खिलाफ इसी तरह की छापेमारी की थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईडी विधानसभा सत्र के आखिरी दिन उनके घर आई है, जब रायगढ़ जिले के तमनार तहसील में अडाणी समूह की कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया जाना था। उनके कार्यालय ने ‘एक्स’ में एक पोस्ट में कहा, ‘आज विधानसभा के मॉनसून सत्र का अंतिम दिन है। तमनार में अदाणी के लिए काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ईडी भेज दी है।’ बघेल ने इस महीने की शुरुआत में रायगढ़ जिले के तमनार तहसील का दौरा किया था और कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। यह खदान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड को आवंटित है, जिसने एमडीओ (खदान विकासकर्ता सह संचालक) का ठेका अदाणी समूह को दिया है।
ईडी ने पहले दावा किया था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले से धन प्राप्त करने का संदेह है। यह कहा गया कि इस घोटाले के परिणाम स्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब घोटाले में शामिल गिरोह के लाभार्थियों के जेबों में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गई। जबकि ई ओ डब्ल्यू की जांच में यह घोटाला 5,000 ( पांच हजार ) करोड़ तक पहुंच गई है। इस मामले में ईडी ने जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा रायपुर के महापौर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों को जांच के तहत गिरफ्तार किया था।

ईडी के अनुसार छत्तीसगढ़ में यह कथित शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। इस जांच के तहत अब तक एजेंसी द्वारा विभिन्न आरोपियों की लगभग 205 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने 2024 में इस मामले में ईडी की पहली प्राथमिकी (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को रद्द कर दिया था, जो आयकर विभाग की शिकायत पर आधारित थी। इसके बाद ईडी ने नए सबूतों के आधार पर छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) /भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से एक नई प्राथमिकी दर्ज करने को कहा और फिर एक नया मामला दायर किया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) / भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 17 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की। इस प्राथमिकी में 70 व्यक्तियों और कंपनियों के नाम शामिल किए गए, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कावसी लखमा, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड और अन्य लोग शामिल हैं।
