बलगी खदान वर्कशॉप में डकैती मामले में पांच आरोपियों में से एक को हुई 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

कोरबा 21 जून। एसईसीएल के बलगी खदान के वर्कशॉप में डकैती के आशय से घुसकर सुरक्षा कर्मियों को हथियारों एवं गुलेल से हमला कर लोहा एवं अन्य कबाड़ सामान की डकैती करने वाले 5 से अधिक आरोपियों में से गिरफ्तार एक आरोपी को न्यायालय द्वारा 10 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप झा ने मजबूत पैरवी की।

उक्त प्रकरण का प्रार्थी रोहित कुमार एस०ई०सी०एल० बलगी वर्कशॉप में सुरक्षा प्रहरी है। घटना दिनांक 05 जनवरी 2023 की शाम करीबन 6.10 बजे वह अपने अन्य सुरक्षाकर्मी साथियों केशव प्रसाद केंवट, गनपत राम यादव, मोहन लाल जायसवाल, हरनाम सिंह कंवर, दुबराज सिंह के साथ बल्गी वर्कशाप में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। उसी समय कपाटमुड़ा गांव तरफ बाउण्ड्री के बाहर कुछ लोगों का आवाज आने पर वाचिंग टावर पर चढ़कर देखने पर 3-4 व्यक्ति बाहर दिखे, उनसे कुछ दूरी पर 7-8 व्यक्ति भी खड़े थे, जिन्हें यहां पर क्यों घूम रहे हो, कहने पर तीनों-चारों व्यक्ति मिलकर गाली गुप्तार करते हुए जान सहित मारने की धमकी दिए। ये लोग हाथ मुक्का, डण्डा तथा गुलेल से प्रार्थी तथा उसके साथ ड्यूटी पर तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी साथियों केशव प्रसाद केंवट, गनपत राम यादव, मोहन लाल जायसवाल, हरनाम सिंह कंवर, दुबराज सिंह के साथ मारपीट किये जिससे चेहरा, पीठ, सिर में चोट लगा। हरनाम सिंह कंवर के दाहिना आँख में गंभीर चोट लगा जिसे ईलाज हेतु अपोलो अस्पताल बिलासपुर रिफर किया गया। प्रकरण में बांकीमोंगरा थाना में मुख्य आरोपी किशन पटेल पिता इंजोर सिंह, उम्र 21 वर्ष, निवासी कपाटमुड़ा, भैरोताल, थाना- कुसमुण्डा व अन्य के विरुद्ध भा०द०सं० की धारा 147, 148, 294, 506 भाग-दो, 323/149 (5 बार), 325/149 एवं 395/149 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना बाद प्रकरण को विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने मुख्य आरोपी किशन को पूरे घटना का दोषी पाया गया।

न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश,कटघोरा एच के रात्रे द्वारा दोषसिद्ध अभियुक्त किशन पटेल को धारा 148, 323/149 (5 बार), 325/149 एवं 395/149 भा०द०सं० के आरोप में क्रमशः 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रूपये का अर्थदण्ड, 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/-रूपये का अर्थदण्ड, 6 माह (5 बार) का सश्रम कारावास एवं 300/-(5 बार) का अर्थदण्ड, 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

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