इजराइल-ईरान युद्ध रोकने ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस की बड़ी पहल, ई-3 के विदेश मंत्रियों की ईरानी विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक

तेहरान / जिनेवा। इजराइल और ईरान में युद्ध हर दिन दोनों ही देशों में तबाही की नई खबरें लेकर आ रहा है। हालात की गंभीरता के मद्देनजर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर हमले का फैसला करने से पहले वह कूटनीति के लिए दो सप्ताह का समय देंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि जिनेवा में यूरोप के तीन देशों ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस (जिन्हें ई-3 के नाम से जाना जाता है) के विदेश मंत्रियों और ईरानी विदेश मंत्री के साथ बैठक की है।

यूरोप से इस बैठक में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट, ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी, जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल और यूरोपीय विदेश नीति प्रमुख काजा कालास शामिल हुए। इससे पहले दोनों ओर से बातचीत की सीमाएं स्पष्ट कर दी गईं। यूरोप के नेताओं ने साफ किया कि ईरान को परमाणु संवर्धन रोकना होगा, वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वे अमरीका से बात नहीं करेंगे।

ईरान के परमाणु संवर्धन से लेकर बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर अंकुश चाहता है यूरोप

वार्ता से पूर्व जर्मनी के जोहान वेडयुल ने कहा कि ईरान को परमाणु सामग्री के किसी भी संवर्धन को त्यागने की गंभीर इच्छा दिखाने की आवश्यकता है, जो परमाणु हथियारीकरण का कारण बन सकता है। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि मिसाइल कार्यक्रम को भी इसमें शामिल किया जा सके। वहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा है कि ईरान को शून्य परमाणु संवर्धन, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को सीमित करने और सभी आतंकवादी समूहों की आर्थिक मदद को रोकना होगा।

ईरान के बुशहर संयंत्र में रूसी विशेषज्ञ मौजूदः मास्को ने चेताया

रूस के परमाणु ऊर्जा निगम के प्रमुख अलेक्सई लिखाचेव ने कहा है कि रूसी विशेषज्ञ अभी भी ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में काम कर रहे हैं और वहां स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है। लिखचेव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इजराइल को साइट पर हमला न करने की रूस की चेतावनी इजराइली नेतृत्व को मिल गई होगी।

इसके पूर्व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि बुशहर में दो और परमाणु रिएक्टर बनाने में 200 से ज्यादा रूसी कर्मचारी लगे हुए हैं और इजराइली नेतृत्व ने उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए आश्वस्त किया है।

चीन की भी एंट्रीः अमरीका को चेतावनी, ईरान में उतारे विमान…

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमरीकी वखल के प्रति आगाह किया। साथ ही 14 जून से अब तक चीन के 5 बोइंग 747 कार्गो विमान ईरान में उतरे हैं।

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