अमेरिका कम कर रहा है पश्चिम एशिया के सभी दूतावासों से स्टाफ, ईरान पर हमले की प्रबल आशंका

विएना. संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था (आईएईए) के 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर औपचारिक रूप से ऐलान किया कि ईरान ने लगभग 20 वर्षों में पहली बार अपने परमाणु अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन किया है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा। इसी बीच, अमरीका ने पश्चिम एशिया में स्थित अपने दूतावासों से अपने गैर-जरूरी स्टाफ को हटाना शुरू कर दिया है। अमरीकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप देश और देश के बाहर सभी अमरीकियों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। इसी क्रम में पश्चिम एशिया स्थित सभी दूतावासों से स्टाफ कम किया जा रहा है। इराक के दूतावास का स्टाफ आधा कर दिया गया। इसके बाद ट्रंप का भी बयान आ गया कि अमरीकियों को यहां से बाहर निकाला जा रहा है, क्योंकि यह खतरनाक इलाका है। उधर, इंजराइल ने कहा है कि अगर ईरान-अमरीका वार्ता विफल हुई तो इजराइल अब ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने को तैयार है।
परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे: ट्रंप
ट्रंप ने एक बार साफ कर दिया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। हमारी हालात पर पूरी नजर है। उधर, अमरीकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने प. एशिया से सैन्य कर्मियों के आश्रितों को स्वेच्छा से यह इलाका छोड़ने के लिए अधिकृत कर दिया है। विशेषकर, बहरीन स्थित स्टाफ के सदस्यों के लिए यह प्रासंगिक है -जहां अधिकांश अमरीकी रहते हैं। इजराइल स्थित अमरीकी दूतावास के लिए भी अमरीका ने अलर्ट जारी कर दिया है।
जारी रखेंगे संवर्धनः पेजेशकियन
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ईरान के खिलाफ पारित आईएईए के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि ईरान विदेशी दबाव की परवाह किए बिना यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा। उन्होंने कहा, हम अपना रास्ता अपनाएंगे और पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही ईरान ने कहा वह इजराइल के हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है। ईरान ने यह भी कहा है कि हमला होने पर वह पश्चिम एशिया में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा।
यूरोपीय संघ ने कहा-ईरान तनाव न बढ़ाए
यूरोपीय आयोग ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव का समर्थन किया और तेहरान से पूर्ण सहयोग का. आह्वान किया। आयोग के प्रवक्ता ने ब्रसेल्स में कहा, हम ईरान से संयम बरतने और किसी भी ऐसे कदम से बचने का आग्रह करते हैं जिससे स्थिति और बिगड़ जाए। उधर, फ्रांस ने भी गुरुवार को तेहरान द्वारा एक नए यूरेनियम संवर्धन संयंत्र के निर्माण की घोषणा पर चिंता व्यक्त की है।
संवर्धित यूरेनियम हटाने को तैयार : रूस
रूस ने बुधवार को कहा कि वह ईरान से अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को हटाने और उसे नागरिक रिएक्टर ईंधन में परिवर्तित करने के लिए तैयार है, ताकि इस्लामी गंणराज्य के परमाणु कार्यक्रम पर अमरीका-ईरान के बीच मतभेदों को कम करने में मदद मिल सके। गौरतलब है कि तेहरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण परमाण उर्जाचा अधिकार है।
